हाजीपुर में बाढ़ का असर घटने लगा, 79 नावों से राहत-बचाव जारी; कटाव पर प्रशासन की नजर

बाढ़ प्रभावित इलाकों में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, जलस्तर में कमी आई है. प्रशासन 79 नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचा रहा है. नदी और जलजमाव वाले क्षेत्रों में जमीन कटाव और मिट्टी धंसने की आशंका पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.

Flood Relief: जिले में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है. कई क्षेत्रों में जलस्तर में कमी आने के बाद प्रभावित इलाकों की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. हालांकि, पानी घटने के दौरान नदी एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों में जमीन कटाव, तटवर्ती इलाकों के कमजोर होने और अचानक मिट्टी धंसने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

बाढ़ के दौरान जिले में अधिकतम 32 पंचायत, दो नगर निकाय, 93 गांव और 12 वार्ड प्रभावित रहे. इस दौरान करीब 2 लाख 98 हजार 800 लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने की जानकारी दी गयी है. वर्तमान में जलस्तर घटने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में हालात में सुधार हो रहा है. लोगों के आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए फिलहाल 79 नावों का परिचालन किया जा रहा है.

47 हजार से अधिक पॉलीथिन शीट का वितरण

राहत कार्य के तहत अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 47,505 पॉलीथिन शीट और 19,180 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में अब तक कुल 39 सामुदायिक रसोई संचालित की गयी हैं. जलस्तर में कमी आने के बाद वर्तमान में महनार प्रखंड में एक सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है.

22 हजार से अधिक मरीजों का हुआ उपचार

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. अब तक 22,366 मरीजों का उपचार किया गया है. प्रभावित क्षेत्रों में 15,012 हैलोजन टैबलेट और 21,889 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं, ताकि जलजनित बीमारियों से बचाव किया जा सके.

पानी निकलते ही शुरू कराया जा रहा कीटाणुशोधन

जलस्तर घटने के साथ जिन इलाकों से बाढ़ का पानी निकल रहा है, वहां कीटाणुशोधन और स्वच्छता अभियान तेज किया गया है. जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है. अब तक 5,570 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा चुका है.

प्रशासन की ओर से पानी निकलने वाले क्षेत्रों में स्वच्छता और कीटाणुशोधन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर लगातार कराया जा रहा है. साथ ही नदी और जलजमाव वाले क्षेत्रों में कटाव तथा मिट्टी धंसने की आशंका को देखते हुए लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.

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By कैफ अहमद

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