एक्सप्लेनर : हाजीपुर में ठेकेदार हत्याकांड की पूरी कहानी, शूटरों ने 10 सेकेंड में मारी थी 5 गोलियां, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ?

हाजीपुर में कंस्ट्रक्शन ठेकेदार राम नरेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई. बाइक सवार 5 हमलावरों ने मात्र 10 सेकंड में ठेकेदार पर पांच गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस मामले में अब तक क्या क्या हुआ जानिए...

Hajipur Contractor Murder Case :  हाजीपुर में गुरुवार को सुबह सुबह कंस्ट्रक्शन ठेकेदार राम नरेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बाइक से आए 5 शूटरों ने महज 10 सेकेंड में ठेकेदार पर पांच गोलियां बरसाई. इस घटना में मौके पर ही ठेकेदार की मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. बीते गुरुवार को पूरे दिन इलाके में पुलिस की तैनाती रही. पुलिस ने मात्र कुछ ही घंटे में एक नामजद आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया. आइए जानते हैं इस मामले में अब तक क्या क्या हुआ?

क्या है पूरा मामला

दरअसल, पूरा मामला हाजीपुर जिला के सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी नया टोला का है. जहां गुरुवार की सुबह अपराधियों ने कंस्ट्रक्शन ठेकेदार राम नरेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी. अपराधियों ने ठेकेदार को नजदीक से ताबड़तोड़ पांच गोलियां मारीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

सुबह टहलने निकले थे ठेकेदार, तभी पहुंच गए हमलावर

बता दें कि, रामनरेश राय रोजाना की तरह गुरुवार की सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे. आम दिनों में उनके साथ करीब पांच से छह लोग भी सुबह की सैर पर रहते थे, लेकिन गुरुवार को वह अकेले ही निकले थे. इसी दौरान दिग्घी नया टोला इलाके में बाइक सवार अपराधी उनके पास पहुंचे. बाइक रोककर उनसे बातचीत करते दिखाई देते हैं. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया.

कुछ पल की बातचीत के बाद भागने लगे रामनरेश राय

CCTV फुटेज में दिखाई दे रही गतिविधियों के मुताबिक बाइक सवार अपराधियों और रामनरेश राय के बीच कुछ देर बातचीत हुई. इसके बाद ठेकेदार को खतरे का अंदाजा हुआ और उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की. ठेकेदार जंगल की ओर भागे और बाइक पर पीछे बैठे दो अपराधी नीचे उतरे और रामनरेश राय का पीछा करने लगे. दोनों उनका पीछा करते हुए पास के जंगल की तरफ पहुंचे. इसी दौरान ठेकेदार पर गोलियां चलाई गईं.

10 सेकेंड में पांच गोलियां, मौके पर ही मौत

हमलावरों ने बेहद नजदीक से रामनरेश राय को निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि करीब 10 सेकेंड के भीतर उन पर पांच गोलियां चलाई गईं. गोलियां लगने के बाद ठेकेदार की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी वहां से फरार हो गए. सुबह के समय हुई इस हत्या के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आसपास के लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई.

CCTV फुटेज बनी पुलिस जांच की अहम कड़ी

घटनास्थल के पास लगे CCTV कैमरों में वारदात से पहले की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं. फुटेज में बाइक सवार संदिग्धों का ठेकेदार के पास पहुंचना, बातचीत करना और फिर उनका पीछा करना दिखाई दे रहा है. पुलिस CCTV फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का आधार बना रही है. फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है.

घर में माता-पिता के साथ रहते थे रामनरेश राय

रामनरेश राय कंस्ट्रक्शन का काम करते थे और दिग्घी कला में अपने माता-पिता के साथ रहते थे. उनकी पत्नी रेखा देवी पटना में रहकर अपने इकलौते बेटे की पढ़ाई-लिखाई संभाल रही हैं. ठेकेदार की हत्या की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अचानक हुई हत्या से इलाके के लोग भी सकते में हैं.

पत्नी के बयान पर तीन नामजद और चार अज्ञात पर केस

मामले में मृतक की पत्नी रेखा देवी के बयान पर सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. FIR में तीन नामजद आरोपियों के अलावा चार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी सहदेव राय को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और उसके बयानों के आधार पर दूसरे आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है.

जमीन विवाद और रंगदारी की मांग को हत्या की वजह बताया

प्राथमिकी में हत्या की वजह जमीन विवाद और रंगदारी की मांग से जुड़ी बताई गई है. रेखा देवी के अनुसार, दिग्घी कला स्थित कुमहिया पोखर के पास परिवार की करीब 55 डिसमिल निजी जमीन है. इसी जमीन पर राम बाबू राय वेयर हाउस के नाम से गोदाम संचालित है. बताया गया है कि यह गोदाम एनबीएचसी कॉरपोरेशन के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र स्थित विजय फ्लावर मिल्स को किराये पर दिया गया है. यहां खाद्य सामग्री से जुड़े वाहनों का आवागमन होता है. परिजनों का आरोप है कि इसी जमीन और गोदाम को लेकर आरोपियों की ओर से रंगदारी की मांग की जा रही थी. हालांकि, इन आरोपों और हत्या के वास्तविक कारण की पुलिस जांच अभी जारी है.

मई में भी धमकी देने का लगाया गया आरोप

रेखा देवी के बयान के अनुसार, सहदेव राय की ओर से मई महीने में भी धमकी दी गई थी. आरोप है कि 1 और 2 मई को सहदेव राय ने गोदाम के प्रबंधक और किरायेदार के मोबाइल फोन पर कॉल कर वाहनों के आने-जाने पर रोक लगाने की मांग की थी. परिजनों का आरोप है कि मांग नहीं मानने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी. परिवार के अनुसार, इस मामले को लेकर रामनरेश राय ने मई में ही सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.

पुलिस ने कुछ ही घंटे में एक आरोपी को दबोचा

हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेजी से शुरू की. CCTV फुटेज, प्राथमिकी में दर्ज आरोपों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटे में नामजद आरोपी सहदेव राय को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश कैसे रची गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों का आरोपियों से क्या संबंध है.

बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी

सहदेव राय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब दूसरे नामजद और अज्ञात आरोपियों तक पहुंचने पर केंद्रित है. पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है. CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. पुलिस का कहना है कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई जारी है.

अब तक क्या-क्या हुआ?

  • गुरुवार की सुबह रामनरेश राय टहलने के लिए घर से निकले.
  • दिग्घी नया टोला के पास बाइक सवार अपराधी उनके पास पहुंचे.
  • अपराधियों ने कुछ देर उनसे बातचीत की.
  • खतरा भांपकर रामनरेश राय ने भागने की कोशिश की.
  • पीछा करते हुए अपराधी उन्हें जंगल की तरफ ले गए.
  • करीब 10 सेकेंड के भीतर ठेकेदार पर पांच गोलियां चलाई गईं.
  • गोली लगने से रामनरेश राय की मौके पर ही मौत हो गई.
  • घटनास्थल के पास लगे CCTV फुटेज पुलिस के हाथ लगा.
  • पत्नी रेखा देवी के बयान पर तीन नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज हुई.
  • पुलिस ने नामजद आरोपी सहदेव राय को गिरफ्तार कर लिया.
  • पुलिस अब बाकी आरोपियों और शूटरों की भूमिका की जांच कर रही है.

अब पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल क्या हैं?

इस हत्याकांड में पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल हत्या की पूरी साजिश का खुलासा करना है. आखिर ठेकेदार की हत्या की सुपारी किसने दी, वारदात को अंजाम देने वाले शूटर कौन थे और हत्या के पीछे जमीन विवाद या रंगदारी की मांग में से कौन-सा कारण मुख्य था, इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएगा. फिलहाल एक नामजद आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी आरोपियों और शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है. CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्य इस हत्याकांड की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

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By साक्षी कुमारी

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