Hajipur News : गंगा और गंडक नदी के बढ़ते जल स्तर से हाजीपुर और लालगंज अलर्ट मोड पर

गंगा और गंडक नदी का जल स्तर पिछले 12 घंटे में तेजी से बढ़ा है जिससे हाजीपुर और लालगंज क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है. गंगा नदी अब खतरे के निशान से मात्र 24 सेंटीमीटर नीचे बह रही है, जबकि लालगंज में गंडक नदी 35 सेंटीमीटर नीचे है.

हाजीपुर.गंगा और गंडक नदी का जल स्तर पिछले 12 घंटे में तेजी से बढ़ा है जिससे हाजीपुर और लालगंज क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है. गंगा नदी अब खतरे के निशान से मात्र 24 सेंटीमीटर नीचे बह रही है, जबकि लालगंज में गंडक नदी 35 सेंटीमीटर नीचे है. जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार यह वृद्धि बहुत तेज रफ्तार से हो रही है. गुरुवार की शाम हाजीपुर में गंडक नदी का जल स्तर 48.58 मीटर दर्ज किया गया, जबकि सुबह छह बजे यह 48.43 मीटर था. इसका मतलब है कि 12 घंटे में जल स्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई जो औसतन 12.5 मिमी प्रति घंटे की दर से है. वहीं लालगंज में गंडक नदी की वृद्धि दर 2.5 मिमी प्रति घंटे रही. हाजीपुर में गंडक नदी के जल स्तर का खतरे का निशान 50.32 मीटर है. इस समय नदी इससे 1.74 मीटर नीचे बह रही है. वहीं लालगंज में खतरे का निशान 50.50 मीटर है और गुरुवार शाम यहां जलस्तर 50.15 मीटर मापा गया. इससे स्पष्ट है कि नदी खतरे के निशान से मात्र 35 सेमी नीचे बह रही है. गंगा नदी का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है. गांधी घाट, पटना पर मापे गये आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह गंगा का जल स्तर 48.23 मीटर था जो शाम तक 48.36 मीटर तक पहुंच गया. यह 10.83 मिमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है और अब खतरे के निशान से केवल 24 सेंटीमीटर नीचे है. वाल्मिकी नगर बराज से बुधवार की शाम 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिससे जल स्तर में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. विभागीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर यही रफ्तार बनी रही तो अगले 24 घंटे में राघोपुर और लालगंज के निचले इलाकों में नदी का पानी प्रवेश कर सकता है. इतिहास को देखें तो हाजीपुर में वर्ष 1948 में गंडक नदी का जल स्तर 51.93 मीटर तक पहुंचा था जो खतरे के निशान से ऊपर था. इसी तरह लालगंज में 2021 में जल स्तर 51.82 मीटर तक जा चुका है. यह बताता है कि दोनों क्षेत्रों में बाढ़ का गंभीर खतरा कभी भी उत्पन्न हो सकता है. इधर, प्रशासन ने बढ़ते जल स्तर को देखते हुए अलर्ट मोड में कार्य करना शुरू कर दिया है. बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग द्वारा जारी आंकड़ों की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है. संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी गयी है. स्थानीय लोगों से भी अपील की गयी है कि वे नदी के आसपास जाने से परहेज करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.

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