राघोपुर में बाढ़ का पानी घटा, लेकिन संकट बरकरार; 76 गांवों में जलजमाव, नाव और राहत को लेकर उठे सवाल

राघोपुर में गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद 76 गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। 3 लाख लोग प्रभावित, बिजली और नाव की कमी से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है।

Hajipur Flood Update : गंगा नदी के जलस्तर में पिछले कुछ दिनों से थोड़ी कमी जरूर आयी है, लेकिन राघोपुर प्रखंड में बाढ़ की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं. रुस्तमपुर से वीरपुर जाने वाली मुख्य सड़क समेत प्रखंड की अधिकांश मुख्य और ग्रामीण सड़कों पर अब भी बाढ़ का पानी जमा है. 20 पंचायतों के करीब 76 गांवों में घरों और आसपास पानी भरा हुआ है. करीब तीन लाख की आबादी पिछले कई दिनों से बाढ़ की चपेट में है और लोग जान जोखिम में डालकर एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने को मजबूर हैं.

घरों में खाद्य सामग्री खत्म होने के कगार पर

बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के सामने अब भोजन और पशु चारे का संकट गहराने लगा है. कई घरों में खाद्य सामग्री समाप्त होने के कगार पर है, जबकि मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है. पिछले कई दिनों से पूरे प्रखंड में बिजली आपूर्ति बंद रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. ग्रामीण सरकारी राहत का इंतजार कर रहे हैं.

नाव की कमी और अधिकारियों के फोन नहीं उठाने का आरोप

बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि सरकार की ओर से पर्याप्त संख्या में नाव उपलब्ध नहीं करायी गयी है. लोगों का कहना है कि आपदा के समय अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहे हैं. राघोपुर स्थित प्रखंड कार्यालय भी बंद है और कच्ची दरगाह से कार्यालय का संचालन किया जा रहा है.

पॉलीथिन वितरण में भेदभाव का आरोप

विभाग के अनुसार कुछ पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को पॉलीथिन शीट वितरण के लिए उपलब्ध करायी गयी है. हालांकि स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पॉलीथिन शीट का वितरण सभी जरूरतमंदों के बीच समान रूप से नहीं हो रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ जनप्रतिनिधि अपने समर्थकों के बीच ही पॉलीथिन बांट रहे हैं और विरोधी पक्ष के लोगों को इससे वंचित किया जा रहा है. लोगों ने मांग की है कि अधिकारियों की मौजूदगी में राहत सामग्री का वितरण कराया जाए.

उप प्रमुख ने डीएम को लिखा पत्र

राघोपुर प्रखंड की उप प्रमुख प्रिया रानी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री और अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि भीषण बाढ़ के कारण प्रखंड में गंभीर आपदा की स्थिति बनी हुई है. प्रभावित परिवारों को सूखा राशन, अनुग्रह अनुदान और पशु चारा तत्काल उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग

उप प्रमुख ने बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराने और उसके आधार पर क्षतिपूर्ति देने की भी मांग की है. उनका कहना है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से खेतों में लगी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है. ऐसे में किसानों को जल्द मुआवजा उपलब्ध कराना जरूरी है.

सभी 20 पंचायतों में चल रहा सामुदायिक किचन

इधर, प्रशासन की ओर से सभी 20 पंचायतों में सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है. तेरसिया, सरायपुर, रुस्तमपुर, राघोपुर पश्चिमी, पहाड़पुर पश्चिमी, जुड़ावनपुर बरारी, करारी समेत सभी पंचायतों में सुबह और शाम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके साथ लोगों को शुद्ध पेयजल भी दिया जा रहा है.

सुबह-शाम भोजन के लिए पहुंच रहे सैकड़ों लोग

सीओ राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि संवेदक करण आजाद टेंट हाउस के माध्यम से सभी पंचायतों में सामुदायिक किचन संचालित किया जा रहा है. यहां प्रतिदिन सैकड़ों महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग भोजन के लिए पहुंच रहे हैं. प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने का प्रयास जारी है.

बिजली ठप होने से मोबाइल चार्जिंग और संपर्क की समस्या

बाढ़ के बीच बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गयी है. रात में गांवों में अंधेरा छाया रहता है और मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल हो गया है. कई मोबाइल कंपनियों के टावर भी बंद होने से लोगों का एक-दूसरे से संपर्क टूट रहा है.

पंचायतों में चार्जिंग पॉइंट और टावर चालू कराने की मांग

ग्रामीणों ने प्रत्येक पंचायत में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था कराने और बंद पड़े मोबाइल टावरों को जल्द चालू कराने की मांग की है. बाढ़ जैसी आपदा में संपर्क व्यवस्था को जरूरी बताते हुए लोगों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य के लिए मोबाइल नेटवर्क का चालू रहना बेहद महत्वपूर्ण है.

फोटो- 75- राघोपुर प्रखंड परिसर में पान | Prabhat Khabar Network

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By अभिषेक शाश्वत

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