Ganga river water level: इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में अत्यधिक जलस्राव दर्ज होने और जलस्राव के रुझान में बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा नदी के तटीय और दियारा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता का अलर्ट जारी किया है. अत्यधिक जलस्राव के प्रभाव से आगामी 24 से 48 घंटों में जिले में गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना जतायी गयी है. संबंधित पदाधिकारियों को स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया गया है.
लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर 50.89 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर है. वहीं, हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 49.53 मीटर है, जो खतरे के निशान से 79 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. हाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर 49.50 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर है.
दो दिनों से फिर तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
हाल के दिनों में गंगा नदी का जलस्तर कम हुआ था. इससे सहदेई और राघोपुर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा था. लेकिन पिछले दो दिनों से जलस्तर में फिर तेजी से वृद्धि हो रही है. इसके कारण इन क्षेत्रों में एक बार फिर पानी फैलने लगा है.
पिछले 12 घंटे के आंकड़ों के अनुसार, हाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर 8.33 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है. वहीं, हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 10 मिलीमीटर प्रति घंटे तथा लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर 5 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है.
महनार से राघोपुर तक दियारा क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
गंगा नदी से लगे महनार, देसरी, सहदेई बुजुर्ग, बिदुपुर, राघोपुर और हाजीपुर के दियारा तथा निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गयी है.
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि गंगा नदी के किनारे, दियारा क्षेत्रों और संभावित जलमग्न स्थलों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचें. बच्चों और बुजुर्गों को नदी तथा जलमग्न क्षेत्रों के आसपास न जाने दें. पशुधन को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर ले जाने की आवश्यक तैयारी रखें.
अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आपदा से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें. केवल जिला प्रशासन और अन्य अधिकृत स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें. जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
24 घंटे निगरानी, एसडीआरएफ भी अलर्ट
जिला प्रशासन की ओर से स्थिति पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है. सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों और कार्यपालक पदाधिकारियों को आपदा प्रबंधन के निर्धारित एसओपी के अनुरूप राहत और बचाव की तैयारियां करने का निर्देश दिया गया है.
इसके तहत संवेदनशील क्षेत्रों में नावों की टैगिंग, पॉलिथीन शीट, पेयजल, स्वास्थ्य और पशु स्वास्थ्य शिविरों सहित आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है. संबंधित आपदा नियंत्रण व्यवस्था को भी अलर्ट मोड में रखा गया है. एसडीआरएफ की टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
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