Clarification from the EO : हाजीपुर नगर परिषद हाजीपुर में विकास कार्यों से जुड़े भुगतान में देरी को लेकर सभापति डॉ. संगीता कुमारी ने कार्यपालक पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है. सभापति ने 16 सितंबर को कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र भेजकर भुगतान स्वीकृत्यादेश जारी होने के बावजूद संबंधित भुगतान की प्रक्रिया ट्रेजरी कार्यालय तक नहीं भेजे जाने का कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया है. उन्होंने दो दिनों के अंदर संचिका के माध्यम से जवाब देने को कहा है.
12 सितंबर को जारी हो चुका है स्वीकृत्यादेश
सभापति के पत्र के अनुसार, नगर परिषद की ओर से संबंधित भुगतान का स्वीकृत्यादेश 12 सितंबर 2026 को ही जारी किया जा चुका है. इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया ट्रेजरी कार्यालय तक नहीं पहुंचने के कारण संबंधित संवेदकों एवं अभिकर्ताओं का भुगतान लंबित है. इसको लेकर सभापति ने कार्यपालक पदाधिकारी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
किस स्तर पर हुआ विलंब, मांगी जानकारी
पत्र में पूछा गया है कि स्वीकृत्यादेश जारी होने के बाद भी भुगतान कोषागार कार्यालय क्यों नहीं भेजा गया. इसके साथ ही भुगतान प्रक्रिया में किस स्तर पर विलंब हुआ, इसकी जानकारी भी मांगी गयी है. सभापति ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि भुगतान लंबित रहने से नगर परिषद की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर तो नहीं पड़ रहा है.
लंबित भुगतान जल्द पूरा कराने का निर्देश
सभापति ने लंबित भुगतान को शीघ्र निष्पादित कराने के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है. उन्होंने कहा कि नगर परिषद का मुख्य उद्देश्य शहर का विकास, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्वीकृत योजनाओं को समय पर पूरा कराना है. इसके लिए प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं का समय पर पूरा होना जरूरी है.
भुगतान में देरी से विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका
डॉ. संगीता कुमारी ने कहा कि भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब होने से कार्य करने वाले संवेदकों को परेशानी हो सकती है. इसका असर विकास योजनाओं की प्रगति पर भी पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि नगर परिषद में संचालित जनहितकारी योजनाओं को गति देने के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए.
