Hajipur Ekal Abhiyan Workshop: भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के हुसेना पंचायत सरकार भवन परिसर में रविवार को एकल अभियान की पांच दिवसीय वार्षिक अभ्यास वर्ग कार्यशाला का शुभारंभ किया गया. कार्यशाला में जिले के हरिपुर, देसरी, सहदेई, बिदुपुर तथा पूर्वी चंपारण के कोटवा प्रखंड के विभिन्न संचों से आए 50 से अधिक आचार्यों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य आचार्यों को पंचमुखी शिक्षा, संस्कार, सेवा और ग्रामीण जागरण के प्रति प्रशिक्षित एवं प्रेरित करना है.
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ कार्यशाला का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रभाग सचिव अमरेंद्र नारायण मिश्र, उपाध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा, कार्यालय प्रभारी विजय कुमार राय एवं अंचल अध्यक्ष शिवबालक प्रभाकर ने संयुक्त रूप से मां भारती के चरणों में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
एकल अभियान राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम : अमरेंद्र नारायण मिश्र
मुख्य वक्ता प्रभाग सचिव अमरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि एकल अभियान केवल शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, सेवा और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त अभियान है. उन्होंने पंचमुखी शिक्षा की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब उसमें संस्कारों का समावेश हो. उन्होंने आचार्यों से समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और जागरूकता पहुंचाने का आह्वान किया तथा सेवा और समर्पण की भावना के साथ कार्य करने की अपील की.
कविता पाठ से जागृत किया सेवा और राष्ट्रभक्ति का भाव
उपाध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा ने अपनी प्रेरणादायी कविता "एकल सेवा धर्म हमारा, काम न दुनियादारी से, ठाकुर मेरे अवध बिहारी, हम अवध बिहारी के..." का पाठ कर उपस्थित आचार्यों में सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत किया.
जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील
अंचल अध्यक्ष शिवबालक प्रभाकर ने कहा कि यदि खेती को बचाना है तो किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करना होगा. उन्होंने कहा कि किसान सुरक्षित रहेंगे तभी विश्व सुरक्षित रहेगा. उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर बल दिया.
विभिन्न प्रखंडों के आचार्य हुए शामिल
कार्यशाला में संच अध्यक्ष कलश पांडेय, आलोक कुमार, सत्येंद्र कुमार सिंह, राजकुमार, दीपक कुमार, संगीता शर्मा, गोविंद कुमार, राकेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे. आयोजन के दौरान पंचमुखी शिक्षा, संस्कार निर्माण एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए.
