Hajipur Pesticide Spraying via Drone : हाजीपुर जिले में खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है. अब फसलों में कीटनाशक और फफूंदनाशक के छिड़काव के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. कृषि विभाग के अनुसार ड्रोन से कम समय में बड़े क्षेत्र में निर्धारित मात्रा में समान और लक्षित छिड़काव किया जा सकता है. इससे किसानों के समय और श्रम की बचत के साथ कृषि-रसायनों के सीधे संपर्क का जोखिम भी कम होगा.
ड्रोन से कम समय में बड़े खेतों पर छिड़काव
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार ड्रोन तकनीक के जरिए कम समय में बड़े क्षेत्रफल में कृषि-रसायनों का छिड़काव किया जा सकता है. ड्रोन निर्धारित मात्रा में समान और लक्षित तरीके से दवा का छिड़काव करने में मदद करता है, जिससे फसल सुरक्षा का काम अधिक सुविधाजनक हो जाता है.
किसानों के समय और श्रम की होगी बचत
पारंपरिक तरीके से खेतों में कीटनाशक या फफूंदनाशक का छिड़काव करने में काफी समय और श्रम लगता है. ड्रोन के इस्तेमाल से इस काम को तेजी से पूरा किया जा सकता है. खासकर बड़े खेतों और ऐसी फसलों में इसका उपयोग उपयोगी हो सकता है, जहां मैनुअल छिड़काव में अधिक मेहनत करनी पड़ती है.
खेत में उतरे बिना हो सकेगा छिड़काव
ड्रोन तकनीक का एक अहम फायदा यह है कि किसानों और कृषि श्रमिकों को हर जगह खेत में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे कृषि-रसायनों के सीधे संपर्क में आने का जोखिम कम किया जा सकता है. हालांकि, रसायनों के इस्तेमाल के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी रहेगा.
दवा की मात्रा को लेकर विभाग ने किया सावधान
कृषि विभाग ने किसानों को स्पष्ट किया है कि किसी भी कीटनाशक का इस्तेमाल केवल अनुशंसित फसल और संबंधित कीट या रोग के लिए ही किया जाए. कृषि-रसायन की मात्रा भी निर्धारित मानक के अनुसार होनी चाहिए. अधिक मात्रा में दवा का इस्तेमाल फसल, मिट्टी और पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हो सकता है.
ड्रोन से छिड़काव में लेबल के निर्देश जरूरी
अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि ड्रोन से छिड़काव करते समय संबंधित कृषि-रसायन के लेबल और लीफलेट में दिए गए निर्देशों का पालन करें. अनुशंसित मात्रा और जरूरी सुरक्षा सावधानियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
आधुनिक तकनीक अपनाने की किसानों से अपील
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से ड्रोन, डिजिटल तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की है. विभाग का कहना है कि नई तकनीक का इस्तेमाल फसल सुरक्षा को बेहतर बनाने और खेती में समय व श्रम की बचत करने में मदद कर सकता है.
कृषि विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करें रसायनों का इस्तेमाल
कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि किसी भी कृषि-रसायन का इस्तेमाल करने से पहले कृषि विशेषज्ञ या विभाग की अनुशंसा जरूर लें. सही फसल, सही कीट या रोग और सही मात्रा के आधार पर रसायन का इस्तेमाल करना जरूरी है. इससे फसल के साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी.
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