Hajipur News : हाजीपुर में घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मामले में हाजीपुर सिविल कोर्ट ने सोमवार को सख्त फैसला सुनाया. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम मौसमी सिंह की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी पति को तीन वर्ष तथा सास-ससुर को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने तीनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.
शादी के बाद से ही 5 लाख और बाइक की मांग
अपर लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खान लड्डू ने बताया कि हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव निवासी प्रिया कुमारी की शादी 11 फरवरी 2015 को बिदुपुर थाना क्षेत्र के रहिमापुर गांव निवासी अवधेश शर्मा के साथ हुई थी.
आरोप के अनुसार शादी के कुछ समय बाद ही पति और ससुराल पक्ष के लोग पांच लाख रुपये नकद और बाइक की मांग को लेकर प्रिया को प्रताड़ित करने लगे. दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी.
दो माह की गर्भवती थी, मारपीट के बाद हुआ गर्भपात
अभियोजन के अनुसार, प्रिया के दो माह की गर्भवती होने की जानकारी ससुराल वालों को थी. इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गयी. 26 सितंबर 2021 को उसे घर से निकाल दिया गया. मारपीट और प्रताड़ना के कारण उसका गर्भपात हो गया.
सात लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इलाज के बाद प्रिया ने हाजीपुर महिला थाने में पति अवधेश शर्मा, सास स्मिता देवी उर्फ स्मिला, ससुर रामलगन शर्मा समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया. अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य पेश किये गये. मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी.
पति को 3 साल, सास-ससुर को एक-एक साल की सजा
अदालत ने पति अवधेश शर्मा को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. वहीं सास स्मिता देवी और ससुर रामलगन शर्मा को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गयी.
