Hajipur Environmental Conservation : हाजीपुर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. जिला पर्यावरण समिति और जिला आर्द्रभूमि समिति की बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक, वायु प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, वन संरक्षण और पौधारोपण समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई. हरिवंशपुर में करीब 12 एकड़ सरकारी जमीन पर जैव विविधता पार्क बनाने की दिशा में भी स्थल चयन की प्रक्रिया शुरू की गई है.
सिंगल यूज प्लास्टिक पर बढ़ेगी कार्रवाई
बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की स्थिति की समीक्षा की गई. नगर परिषदों और नगर पंचायतों से छापेमारी और जब्ती की जानकारी ली गई. नगर पंचायत गोरौल, जंदाहा और पातेपुर में कार्रवाई कम पाए जाने पर नाराजगी जताई गई. अधिकारियों को अधिक से अधिक दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच करने तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल, उत्पादन और सप्लाई पर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर रोक
कचरा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान सभी नगर निकायों को खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया. गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने तथा उसके उचित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.
वायु प्रदूषण पर भी प्रशासन की नजर
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी जीआरएपी के तहत विभागों की कार्रवाई की समीक्षा की गई. हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में लगे एक्यूआई मापक उपकरण को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के साथ समन्वय किया जा रहा है. फिलहाल प्रत्येक जिले में एक एक्यूआई उपकरण लगाने की प्रक्रिया चल रही है. इसके बाद जिले के दूसरे क्षेत्र में अतिरिक्त उपकरण लगाने की योजना है.
12 एकड़ में जैव विविधता पार्क की तैयारी
जैव विविधता पार्क के निर्माण के लिए सरकारी जमीन की उपलब्धता की समीक्षा की गई. हरिवंशपुर में उपलब्ध सरकारी जमीन में से करीब 12 एकड़ क्षेत्र में पार्क बनाने के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया की गई है. महुआ मेडिकल कॉलेज के पास उपलब्ध जमीन पर भी जैव विविधता पार्क बनाने की संभावना पर चर्चा हुई.
एनओसी और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया होगी तेज
महुआ मेडिकल कॉलेज के पास पार्क निर्माण की संभावनाओं को देखते हुए जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया. इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया.
वन संरक्षण के लिए गैर-वन भूमि बैंक बनाने की तैयारी
वन संरक्षण अधिनियम के तहत वन भूमि के अपयोजन प्रस्तावों के ससमय क्रियान्वयन के लिए गैर-वन भूमि बैंक स्थापित करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है. वनरोपण के लिए उपयुक्त गैर-वन सरकारी जमीन को चिन्हित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया है.
आर्द्रभूमियों के संरक्षण पर भी जोर
बैठक में जिले की आर्द्रभूमियों के संरक्षण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को पर्यावरण नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने और लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया. आर्द्रभूमियों के संरक्षण के साथ वन क्षेत्र और जैव विविधता को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया.
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