हाजीपुर में 14 सूत्री मांगों को लेकर खेतिहर मजदूरों का प्रदर्शन, मनरेगा बहाल करने से लेकर 700 रुपये मजदूरी की मांग

बिहार के हाजीपुर में खेतिहर मजदूर यूनियन ने 14 सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया। महंगाई कम करने और मनरेगा बहाली समेत कई मुद्दों पर सरकार से की गई मांग।

Hajipur News : बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत मंगलवार को 14 सूत्री मांगों को लेकर भगवानपुर प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से प्रखंड विकास पदाधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया. इस दौरान ग्रामीण मजदूरों और गरीबों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार से तत्काल पहल की मांग की गयी.

ग्रामीण मजदूरों को काम और 700 रुपये मजदूरी की मांग

संगठन ने वीबी जीरामजी के तहत अभियान चलाकर ग्रामीण मजदूरों का निबंधन करने और उन्हें काम देने की मांग की. मजदूरी की दर बढ़ाकर 700 रुपये करने तथा मनरेगा को फिर से बहाल करने की भी मांग रखी गयी. इसके अलावा बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने और चीनी, तेल, प्याज समेत आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमत कम करने की मांग की गयी.

चार श्रम कोड रद्द करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम कोड को रद्द कर मजदूरों के हित में कानून बनाने की मांग की. संगठन ने महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बिजली विभाग की ओर से दर्ज किए जा रहे फर्जी मुकदमों पर रोक लगाने की भी मांग उठायी.

भूमिहीनों को पांच-पांच डिसमिल जमीन देने की मांग

यूनियन ने सभी भूमिहीन परिवारों को पांच-पांच डिसमिल जमीन और उसका पर्चा देने की मांग की. सराय के पूर्व जमींदार की भू-हदबंदी की 123.48 एकड़ जमीन जब्त कर भूमिहीनों के बीच बांटने की भी मांग ज्ञापन में शामिल रही.

सड़क, पानी और स्मार्ट मीटर को लेकर भी उठी आवाज

गरीबों और दलितों की बस्तियों में हर घर तक सड़क पहुंचाने की योजना को पूरा करने, ग्रामीण इलाकों में होल्डिंग और जलापूर्ति टैक्स पर रोक लगाने तथा स्मार्ट मीटर समाप्त करने की मांग की गयी. प्रदर्शनकारियों ने नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग रखी.

किसानों के लिए एमएसपी कानून की मांग

कृषि उत्पादों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की गारंटी वाला कानून बनाने की मांग भी उठायी गयी. साथ ही नीलगाय और जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान से किसानों को राहत दिलाने की मांग की गयी.

बाढ़ राहत को लेकर भी सरकार पर दबाव

संगठन ने जिले और राज्य में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की. बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली राहत राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने और अविलंब भुगतान करने की मांग की गयी. प्रभावित इलाकों में पशु चारा, फसल मुआवजा, तिरपाल और सामुदायिक रसोई की समुचित व्यवस्था करने की भी मांग रखी गयी.

सभा में आंदोलन तेज करने का लिया संकल्प

धरना-प्रदर्शन के बाद संगठन के जिलाध्यक्ष शिवजी राम की अध्यक्षता में सभा हुई. सचिव दीनबंधु प्रसाद, उपाध्यक्ष शीला देवी, संयुक्त सचिव दशई महतो, माकपा नेता मदन मोहन शर्मा, रामजी राम, रामकुमार राम, शिवचंद्र राम, हरेंद्र पासवान और रामप्रसाद पासवान समेत अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे. वक्ताओं ने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज करने की जरूरत है.

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By देवेंद्र गुप्त

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