सत्यापन कर फार्मर रजिस्ट्री आइडी बनाएं : डीएम

कृषि विभाग द्वारा संचालित फार्मर रजिस्ट्री प्रचार रथ को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीएम वर्षा सिंह ने महुआ, महनार एवं हाजीपुर अनुमंडलों के लिए अलग-अलग फार्मर रजिस्ट्री प्रचार रथ को रवाना किया. इन रथों के प्रचार प्रसार से प्रथम चरण के शिविरों के दौरान अधिक से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी तैयार कर उन्हें डिजिटल पहचान प्रदान किया जा सके.

हाजीपुर. कृषि विभाग द्वारा संचालित फार्मर रजिस्ट्री प्रचार रथ को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीएम वर्षा सिंह ने महुआ, महनार एवं हाजीपुर अनुमंडलों के लिए अलग-अलग फार्मर रजिस्ट्री प्रचार रथ को रवाना किया. इन रथों के प्रचार प्रसार से प्रथम चरण के शिविरों के दौरान अधिक से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी तैयार कर उन्हें डिजिटल पहचान प्रदान किया जा सके. प्रथम चरण के शिविर 6 से 9 जनवरी तक आयोजित किये जा रहे हैं, जबकि द्वितीय चरण के शिविर 18 जनवरी से 21 जनवरी तक निर्धारित हैं. डीएम वर्षा सिंह ने कृषि विभाग तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों कैंप मोड में कार्य करते हुए सभी पात्र लाभुकों का इ-केवाइसी सत्यापन कर फार्मर रजिस्ट्री आइडी बनाने का निर्देश दिया है. पंचायतवार शिविरों का आयोजन पंचायत सरकार भवनों एवं अन्य सरकारी भवनों में किया जायेगा, जहां कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार एवं राजस्व कर्मचारी शामिल हो सकेंगे. फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टैक परियोजना का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य कृषि सेवाओं को आधुनिक, सरल एवं प्रभावी बनाना है. इसके अंतर्गत प्रत्येक किसान की फार्मर आइडी तैयार की जाती है, जिसमें भूमि संबंधी विवरण एवं आधार संख्या को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जाता है. बिहार भूमि डाटाबेस के समेकन के माध्यम से प्रत्येक राजस्व ग्राम में समान नाम एवं पिता के नाम वाले किसानों की जमाबंदी का ऑनलाइन बकेट तैयार किया गया है, जिसके आधार पर राज्य स्तर से फार्मर रजिस्ट्री बनायी जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा सभी किसानों से अपील की गयी है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर शिविर के माध्यम से अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवा लें. फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों की बिक्री में सुविधा, फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक नुकसान का मुआवजा तथा पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का निर्बाध लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी. अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार से संपर्क करने की बात कही. फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए किसानों को स्वयं उपस्थित होकर आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं भूमि का विवरण उपलब्ध कराना होगा. कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार द्वारा ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, तत्पश्चात हल्का कर्मचारी द्वारा भूमि दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन के बाद ई-केवाइसी एवं इ-साइनिंग कर किसान की फार्मर आइडी बनाया जायेगा. पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों को आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने हेतु फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल, एप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा इ-केवाइसी सत्यापन एवं भूमि संबंधी दावा करना अनिवार्य है. पीएम-किसान योजना के लाभुकों के अतिरिक्त ऐसे सभी किसान, जिनके स्वयं के नाम से जमाबंदी है, उनका भी फार्मर रजिस्ट्री बनाया जा सकता है. वर्तमान में वैशाली जिले में पीएम-किसान योजना के कुल 1 लाख 95 हजार 228 लाभुक हैं, जिनमें से 65 हजार 298 लाभुकों का इ-केवाइसी हो चुका है. इनमें 57 हजार से अधिक लाभुकों का इ-केवाइसी सत्यापन हो चुका है. जिले में अब तक कुल 20 हजार 318 फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी है, जिनमें से 10 हजार 546 पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक हैं. इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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Author: DEEPAK MISHRA

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