hajipur news. बाजारों में बिक रही चाइनीज लाइट्स ने छीनी कुम्हारों की दीपावली

दीपावली पर सजावट के लिए मिट्टी के दीये कभी हर घर जलाये जाते थे, लेकिन आज लोग चाइनीज लाइटों से अपने घर को सजा रहे हैं

शेखर शुक्ला, हाजीपुर. दीपावली नजदीक आते ही जहां पहले कुम्हारों को मिट्टी का दीया बनाने से फुर्सत नहीं मिलती थी. मगर आज बाजारों में चाइनीज लाइट्स की मांग बढ़ जाने कुम्हारों के चेहरे से दीपावली की खुशी छीन गयी है. दीपावली पर सजावट के लिए मिट्टी के दीये कभी हर घर जलाये जाते थे, लेकिन आज लोग चाइनीज लाइटों से अपने घर को सजा रहे हैं. शहर के गुदरी रोड में मिट्टी का दीया बेच रहे राजू पंडित ने बताया कि लोग दीया काफी कम खरीद रहे है. पहले दीपावली के आने से पहले ही दीया का बनाने के लिए आर्डर मिलता था. दीया का आर्डर भी पूरा नहीं कर पाते थे. लोग दीपावली से कुछ दिन पहले ही घर पर खरीदने पहुंचते थे. मगर आज आर्डर की बात तो दूर, जो दीया बनाकर तैयार किया है, उसे बेचने में भी परेशानी हो रही है. शहर की सड़कों पर अलग-अलग जगहों पर परिवार के लोग दीया बेच रहे है. दो सौ से तीन सौ दीया एक बार में बिक जाता था, मगर चाइनीज लाइट्स के कारण दीया की बिक्री काफी कम हो गयी है. सदर थाना क्षेत्र के अस्तीपुर लालचक निवासी सूरज पंडित और सत्यनारायण पंडित ने बताया कि वह सुबह से मिट्टी के दीये बेच रहा है. मगर अभी तक काफी कम दीया ही बिका है. अधिकांश लोग बाजार में बिक रहे चाइनीज लाइट्स की खरीदारी कर रहे है. लोग दीपावली की रस्म निभाने के लिए दस से बीस दीया ही खरीद रहे हैं. वहीं बाजार में चाइनीज लाइट्स खरीदने आए युवक राहुल मिश्रा ने बताया कि पहले वह दीपावली में दीया से ही घर सजाते थे. मगर कुछ देर के बाद ही दीया में तेल खत्म होने के बाद दीया बुझ जाती थी. मगर बाजारों में बिक रही चाइनीज लाइट्स एक बार लगा तो तो पूरी रात जलती रहती है. वहीं, बाजार में अपने परिवार के साथ मिट्टी के दीप खरीद रहे राजेश कुमार ने बताया कि दीपावली में अपने घर को मिट्टी के दीये से ही सजाना चाहिए. लोग समय के साथ-साथ संस्कृति और परंपराओं को भूलते जा रहे हैं. दीया जलाने से वातावरण शुद्ध होता है. मिट्टी के दीये जलाने से सकारात्मक ऊर्जा फैलती है, घी या सरसों के तेल से जलने पर रोगाणु नष्ट होते हैं, मिट्टी के दीये पंच-तत्वों का प्रतीक हैं और इन्हें खरीदने से स्थानीय कुम्हारों को भी रोजगार मिलता है. साथ ही यह मिट्टी से जुड़ाव का एहसास भी कराता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SHEKHAR SHUKLA

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >