Hajipur News : महुआ अनुमंडल मुख्यालय बाजार के मंगरू चौक स्थित शाही दरबार परिसर में शुक्रवार से आनंद मार्ग प्रचारक संघ के तीन दिवसीय भक्तिमय सेमिनार का शुभारंभ हुआ. समस्तीपुर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत बाबा नाम केवलम उ की सामूहिक संगीतमय प्रस्तुति से पूरा परिसर घंटों तक भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा. पहले दिन आचार्य रुद्र प्रकाशानंद ने आध्यात्मिक जीवन, मानवता और आपसी सहयोग का संदेश देते हुए श्रद्धालुओं को आनंद मार्ग के सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया.
'बाबा नाम केवलम' से गूंज उठा शाही दरबार परिसर
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत समस्तीपुर की युवा गायिका मधुरिमा और चंद्रप्रकाश ने सामूहिक रूप से 'बाबा नाम केवलम' की मनमोहक प्रस्तुति दी. भक्ति संगीत और कीर्तन से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा तथा श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए.
मानवता और सेवा का दिया संदेश
समाजसेवी अरुण कुमार सिंह एवं डॉ. कमलकांत देव साह के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित सेमिनार में आचार्य रुद्र प्रकाशानंद ने कहा कि पृथ्वी के सभी जीवों में आत्मा का वास है और मानव उनमें श्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि लोभ और स्वार्थ के कारण मनुष्य अपने मूल मानवीय मूल्यों से दूर होता जा रहा है, जिससे समाज में असंतुलन बढ़ रहा है।
सुख-दुख में साथ निभाने का किया आह्वान
आचार्य ने कहा कि भक्तिमय जीवन का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक साधना नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और सहयोग की भावना विकसित करना भी है. उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं, वही समाज की वास्तविक शक्ति होते हैं.
आनंद मार्ग के सिद्धांतों पर चलने की अपील
अपने संबोधन में आचार्य रुद्र प्रकाशानंद ने सभी श्रद्धालुओं से आनंद मार्ग के बताए आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में प्रेम, सेवा तथा सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन भी आवश्यक है.
सेमिनार की सफलता में जुटे कार्यकर्ता
तीन दिवसीय सेमिनार को सफल बनाने में संतोष कुमार, माला कुमारी, अजय सिंह, विनीत कुमार देव, रत्न मुक्ति नंद सहित आनंद मार्ग प्रचारक संघ के अनेक कार्यकर्ता सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा.
