Gopalganj News: फुलवरिया प्रखंड के तुरुकहां गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से करीब 20 बीघा में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई है. कई दिनों से खेतों में बारिश का पानी जमा रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
किसानों का कहना है कि यदि जल्द जल निकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई, तो पूरी धान की फसल नष्ट हो सकती है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
पुलिया का मुहाना बंद होने से खेतों में जमा हुआ पानी
समस्या के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को गांव के किसानों ने फुलवरिया सीओ वीरबल वरुण कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा.
किसानों ने बताया कि गांव में स्थित एक पुलिया का मुहाना बंद कर दिए जाने के कारण खेतों से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है. इसके चलते करीब 20 बीघा में लगी धान की फसल पानी में डूब गई है.
किसानों ने तीन लोगों पर लगाया आरोप
ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया है कि सोहन महतो, अलाउद्दीन मियां और नजीर मियां द्वारा पुलिया का मुहाना बंद कर दिया गया है. इससे खेतों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
किसानों ने आशंका जताई है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से धान की फसल सड़ सकती है और पूरी तरह बर्बाद हो सकती है.
जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग
किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पुलिया का मुहाना खुलवाने और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है.
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते खेतों से पानी निकाल दिया जाता है, तो धान की फसल को बचाया जा सकता है.
जांच के बाद होगी कार्रवाई: सीओ
सीओ वीरबल वरुण कुमार ने बताया कि किसानों द्वारा दिए गए ज्ञापन को संबंधित हल्का कर्मचारी के पास जांच के लिए भेज दिया गया है.
उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी.
