गोपालगंज: शिक्षक स्थानांतरण की समय-सारिणी जारी, म्यूच्यूअल ट्रांसफर को लेकर बढ़ी हलचल

बिहार शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक स्थानांतरण की समय-सारिणी जारी कर दी गई है। इसके साथ ही, विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में म्यूच्यूअल ट्रांसफर के लिए शिक्षकों के बीच अपीलें बढ़ गई हैं। हजारों शिक्षक घर के करीब पोस्टिंग पाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

Gopalganj Teachers Transfer : शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षक स्थानांतरण की समय-सारिणी जारी होते ही गोपालगंज समेत बिहार के सरकारी शिक्षकों के बीच हलचल तेज हो गयी है. शुक्रवार को शेड्यूल जारी होने के कुछ ही घंटों बाद विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों का माहौल बदल गया. जहां पहले कभी-कभार म्यूच्यूअल ट्रांसफर से जुड़े संदेश दिखाई देते थे, वहीं अब ऐसे पोस्ट लगातार आने लगे हैं. कोई थावे या गोपालगंज से कटेया जाने वाले शिक्षक की तलाश कर रहा है तो कोई बसंतपुर से मैरवा या नौतन आना चाहता है. कोई सुपौल, सहरसा, मधुबनी, सीवान से गोपालगंज या थावे में पोस्टिंग चाहता है तो कोई मांझा से पंचदेवरी आने वाले शिक्षक को खोज रहा है. लगभग हर पोस्ट में पद, विषय, वर्तमान प्रखंड, इच्छित प्रखंड और मोबाइल नंबर साझा किया जा रहा है.

म्यूच्यूअल ट्रांसफर को लेकर वाट्सएप ग्रुप में बढ़ी हलचल

ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही हजारों शिक्षक अपने लिए म्यूच्यूअल पार्टनर तलाशने में जुट गये हैं. पारस्परिक स्थानांतरण के लिए दोनों शिक्षकों का एक-दूसरे के स्थान पर जाने को तैयार होना जरूरी है. ऐसे में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप इस समय शिक्षकों के लिए सबसे बड़ा माध्यम बन गये हैं. कई शिक्षक एक साथ दर्जनों ग्रुपों में अपनी अपील साझा कर रहे हैं ताकि उनकी पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक हो सके.

किसी को घर लौटने की चाह, कोई नहीं चाहता तबादला

गोपालगंज जिले के करीब 15 हजार और पूरे बिहार के पांच लाख से अधिक शिक्षक इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं. इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है, जिनकी पोस्टिंग गृह जिले से काफी दूर है. वर्षों से दूसरे जिले या प्रखंड में कार्यरत शिक्षक अब घर के करीब आने की उम्मीद लगाये बैठे हैं. दूसरी ओर ऐसे शिक्षक भी कम नहीं हैं, जो वर्तमान विद्यालय में ही बने रहना चाहते हैं. उनका कहना है कि वर्षों में स्थानीय माहौल, विद्यालय और विद्यार्थियों के साथ बेहतर तालमेल बन चुका है.

समय-सारिणी जारी हुई,

शिक्षक लगातार प्रखंड और जिला स्तर के शिक्षा अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि विभागीय स्तर से विस्तृत दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल केवल समय-सारिणी जारी हुई है. विस्तृत प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं को लेकर अभी इंतजार करना होगा.

आने वाले दो माह रहेंगे काफी अहम

29 जुलाई से पारस्परिक स्थानांतरण और समायोजन के लिए आवेदन शुरू होंगे. इसके बाद सितंबर और अक्टूबर तक पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया चलेगी. ऐसे में अगले दो महीने बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. फिलहाल व्हाट्सएप ग्रुपों में चल रही एक ही चर्चा इस बात की गवाही दे रही है कि शिक्षक अब सिर्फ आदेश का इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि अपने मनचाहे स्थान तक पहुंचने की तैयारी भी शुरू कर चुके हैं.

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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Rajeev Kumar

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