Gopalganj News: जिले के पंचदेवरी प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय राजापुर महंथ में पदस्थापित शिक्षक प्रशांत कुमार ओझा को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. स्कूल अवधि के दौरान बाहर जाने से रोकने पर प्रधानाध्यापक के साथ गाली-गलौज व हाथापाई करने और उपस्थिति पंजी में हेरफेर करने के मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेंद्र कुमार पाण्डेय ने यह सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.
बाहर निकलने से रोका तो प्रधानाध्यापक से कर ली मारपीट
ग्राम पंचायत राज बनकटिया के मुखिया द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने 20 अगस्त को विद्यालय की स्थलीय जांच की थी:
- घटना का विवरण: जांच में सामने आया कि 19 अगस्त को शैक्षणिक अवधि के दौरान शिक्षक प्रशांत कुमार ओझा बिना अनुमति स्कूल से बाहर जा रहे थे.
- विवाद और हाथापाई: जब तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने उन्हें नियमानुसार रोकने का प्रयास किया, तो शिक्षक उग्र हो गए और प्रधानाध्यापक के साथ अभद्र गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए.
- शैक्षणिक माहौल प्रभावित: इस अशोभनीय घटना से विद्यालय परिसर में भय का माहौल बना और पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया.
उपस्थिति पंजी में व्हाइटनर और निजी वाहन से शिक्षकों को ले जाने का आरोप
जांच रिपोर्ट में शिक्षक की मनमानी और स्कूल प्रबंधन की पोल खोलने वाले कई गंभीर खुलासे हुए हैं:
- अटेंडेंस में हेराफेरी: शिक्षक द्वारा उपस्थिति पंजी (हाजिरी रजिस्टर) में व्हाइटनर लगाकर दर्ज उपस्थिति में छेड़छाड़ किए जाने की पुष्टि हुई है.
- सड़क पर भटकते छात्र: ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि विद्यालय संचालन के समय छात्र कक्षाओं के बजाय सड़कों पर भटकते रहते हैं, जबकि शिक्षक कक्षाओं में जाने के बजाय बैठकर गपशप करते हैं.
- लंच के बाद गायब होना: रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि शिक्षक प्रशांत कुमार ओझा दोपहर के भोजन (लंच) के बाद 4-5 अन्य शिक्षकों को अपने निजी वाहन में बैठाकर स्कूल से बाहर ले जाते थे, जिससे कक्षाएं बाधित होती थीं.
आठ गंभीर आरोपों पर डीईओ की सख्त कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने शिक्षक के इस कृत्य को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए निलंबन आदेश जारी किया.
"शिक्षक प्रशांत कुमार ओझा पर सरकारी नियमों की अनदेखी, पदीय दायित्वों में घोर लापरवाही, मनमाना आचरण, अनुशासनहीनता, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, अनधिकृत अनुपस्थिति, उपस्थिति पंजी में छेड़छाड़ और प्रधानाध्यापक से मारपीट समेत आठ गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं. निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) बरौली निर्धारित किया गया है, जहां नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा." — अमरेंद्र कुमार पाण्डेय, जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज
