Gopalganj News: सरकारी स्कूलों में बेहतर हो रहे कार्यों और नवाचारों को अब राज्य स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गयी है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से एक उत्कृष्ट पहल और एक उत्कृष्ट सरकारी विद्यालय का वीडियो उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है. इसके बाद गोपालगंज शिक्षा विभाग ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्धारित समय सीमा के अंदर वीडियो भेजने का निर्देश दिया है.
प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान के डीपीओ शिवम ने बताया कि विभाग की ओर से मिले निर्देश के अनुसार जिले की किसी एक उल्लेखनीय पहल और एक बेहतर प्रदर्शन करने वाले सरकारी विद्यालय का चयन कर उसका वीडियो तैयार करना है.
बेहतर कार्यों और नवाचारों को मिलेगा मंच
शिक्षा विभाग के अनुसार वीडियो में विद्यालयों में किए जा रहे बेहतर कार्यों को प्रमुखता से दिखाना होगा. इसमें पीटीएम (अभिभावक-शिक्षक बैठक), एफएलएन (बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान), बाल संसद, मीना मंच, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (पीबीएल) सहित अन्य नवाचारों को शामिल किया जा सकता है.
वहीं उत्कृष्ट विद्यालय के वीडियो में विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां, कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सहभागिता, सामुदायिक सहयोग, आधारभूत सुविधाएं और विद्यालय की उपलब्धियों को दर्शाना होगा.
राज्य स्तर पर तैयार होगा उत्कृष्ट कार्यों का दस्तावेज
विभाग का उद्देश्य जिले के अच्छे कार्यों और सफल प्रयोगों को एकत्रित कर राज्य स्तर पर प्रस्तुत करना है, ताकि बिहार के अन्य सरकारी विद्यालय भी इनसे प्रेरणा ले सकें. शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा.
वीडियो में गुणवत्ता का रखना होगा ध्यान
डीपीओ शिवम ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वीडियो लैंडस्केप (हॉरिजॉन्टल) मोड में बनाया जाए. वीडियो की आवाज स्पष्ट होनी चाहिए और रिकॉर्डिंग उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए. साथ ही वीडियो में जिले और विद्यालय का नाम साफ दिखाई देना अनिवार्य होगा.
उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विद्यालयों को तीन अगस्त की दोपहर एक बजे तक विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो भेजना होगा. समय सीमा का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों की जानकारी विभागीय स्तर पर दर्ज की जाएगी.
उत्कृष्ट विद्यालयों को प्रोत्साहित करने की पहल
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में हो रहे सकारात्मक बदलावों को सामने लाना जरूरी है. उत्कृष्ट पहल और मॉडल विद्यालयों का यह संकलन पूरे बिहार के सरकारी स्कूलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा. इससे शिक्षकों और विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
