Gopalganj News: फुलवरिया प्रखंड सभागार में शुक्रवार को बीडीओ मनीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नमस्ते वेस्टपिकर्स सर्वे के सफल संचालन को लेकर स्वच्छता पर्यवेक्षकों के लिए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें प्रखंड की सभी पंचायतों के स्वच्छता पर्यवेक्षकों ने भाग लिया.
प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर सह स्वच्छता पर्यवेक्षक दिलीप कुमार प्रजापति ने सर्वेक्षण के उद्देश्य, ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और डेटा प्रविष्टि की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र स्वच्छता कर्मी का निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना अभियान की प्राथमिकता है.
स्वच्छता कर्मियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना उद्देश्य
बीडीओ मनीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नमस्ते वेस्टपिकर्स सर्वे स्वच्छता कर्मियों की पहचान सुनिश्चित करने और उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है. इसके माध्यम से पात्र स्वच्छता कर्मियों तक सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने सभी स्वच्छता पर्यवेक्षकों को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से सर्वेक्षण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. साथ ही पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र स्वच्छता कर्मियों का पंजीकरण कराने पर जोर दिया.
दस्तावेज सत्यापन और ऑनलाइन पंजीकरण पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया गया. दस्तावेजों के सत्यापन, ऑनलाइन पंजीकरण और डेटा प्रविष्टि से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया, ताकि सर्वेक्षण के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो.
प्रशिक्षकों ने स्वच्छता पर्यवेक्षकों को सर्वेक्षण के दौरान पात्र लाभुकों की सही जानकारी दर्ज करने, दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने और ऑनलाइन डेटा समय पर अपलोड करने की प्रक्रिया समझायी.
पात्र कर्मियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि नमस्ते वेस्टपिकर्स सर्वे का उद्देश्य प्रत्येक पात्र स्वच्छता कर्मी की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है. इसके साथ ही उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी यह अभियान महत्वपूर्ण है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता पर्यवेक्षकों को सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया, ताकि पंचायत स्तर पर अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सके.
