Bihar Government Scheme: ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पंचदेवरी प्रखंड की मगहिया पंचायत में बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है. प्रभात खबर की ग्राउंड रिपोर्ट में पंचायत की बदहाल सड़कें और चरमराई नल-जल योजना की हकीकत सामने आई. ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय सड़क और पेयजल का मुद्दा हर बार उठता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वादे भी खत्म हो जाते हैं.
8 प्रमुख सड़कें बदहाल, बारिश में आवागमन मुश्किल
मगहिया पंचायत की आठ प्रमुख सड़कें आज भी पक्कीकरण की राह देख रही हैं. बरसात में इन सड़कों पर कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है. वहीं गर्मी के दिनों में उड़ती धूल से राहगीरों और स्कूली बच्चों को परेशानी उठानी पड़ती है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.
15 में से 13 वार्डों में नल-जल योजना बेपटरी
मुख्यमंत्री नल-जल योजना भी पंचायत में अपने उद्देश्य से भटक गई है. पंचायत के कुल 15 वार्डों में से केवल दो वार्डों में ही पानी की आपूर्ति संतोषजनक है. शेष 13 वार्डों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है. भीषण गर्मी में लोगों को निजी चापाकलों और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है.
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि योजना की जिम्मेदारी पीएचईडी को मिलने के बाद स्थिति और खराब हो गई. खराब मोटर, पाइपलाइन की मरम्मत और तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.
पर्याप्त राशि नहीं मिलने से अधूरे हैं विकास कार्य
मुखिया प्रतिनिधि अखिलेश यादव उर्फ पट्टू यादव ने कहा कि पंचायतों को कार्य के अनुरूप पर्याप्त राशि नहीं मिली. इसी वजह से सड़क निर्माण जैसे बड़े कार्य अधूरे रह गए. उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याएं उठाई गईं, लेकिन पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं होने से समाधान नहीं हो सका.
बीडीओ ने क्या कहा?
बीडीओ आयुष राज आलोक ने बताया कि मगहिया पंचायत की बदहाल सड़कों की जांच की गई है. सभी सड़कें लंबी हैं और इनके निर्माण के लिए बड़ी राशि की आवश्यकता है. पंचायत या पंचायत समिति के स्तर से एक साथ इनका निर्माण संभव नहीं है. संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है और स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कराया जाएगा.
