गोपालगंज: पंचदेवरी में 5 हजार से अधिक किसानों की जमाबंदी अब तक अपडेट नहीं, पोर्टल पर दिख रहा पुराना डाटा

पंचदेवरी में राजस्व विभाग के पोर्टल पर 5000 से अधिक किसानों का डाटा अपडेट नहीं होने से किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। जानें पूरी खबर।

Gopalganj News : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पोर्टल पर पंचदेवरी प्रखंड के पांच हजार से अधिक किसानों का डाटा अब तक अपडेट नहीं हो सका है. जमाबंदी में नाम, खाता और खेसरा समेत अन्य विवरणों में सुधार नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है. समस्या के समाधान के लिए किसान लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं.

राजस्व महाभियान में लिये गये थे आवेदन

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर अगस्त में शुरू हुए राजस्व महाभियान के दौरान पंचायतवार शिविर लगाकर किसानों से जमाबंदी में सुधार और परिमार्जन के लिए आवेदन, प्रपत्र और जरूरी दस्तावेज जमा कराये गये थे. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, पंचदेवरी में करीब 42 हजार ऑनलाइन जमाबंदी की प्रतियां भी वितरित की गयी थीं. इस दौरान नाम, खाता, खेसरा में सुधार के साथ नामांतरण के लिए भी आवेदन लिये गये.

दस्तावेज जमा करने के बाद भी पोर्टल पर पुराना रिकॉर्ड

राजस्व विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि राजस्व महाभियान के दौरान प्राप्त अधिकतर आवेदनों की जांच कर डाटा अपडेट किया जा चुका है. हालांकि, किसानों का दावा है कि अभी भी बड़ी संख्या में जमाबंदी में सुधार नहीं हुआ है.

सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष बृज किशोर दुबे, सतीश कुमार, संजीव कुमार समेत कई किसानों ने बताया कि संबंधित दस्तावेज पिछले वर्ष ही जमा करा दिये गये थे, लेकिन विभाग के पोर्टल पर आज भी पुराना डाटा दिखाई दे रहा है.

जमीन से जुड़े काम में हो रही परेशानी

किसानों का कहना है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में सही जानकारी नहीं होने के कारण जमीन से जुड़े कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के दौरान भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसानों की मांग है कि लंबित जमाबंदी का सत्यापन कर जल्द से जल्द पोर्टल पर सही डाटा अपडेट किया जाये.

जमाबंदी के पेंच में योजनाओं का लाभ भी प्रभावित

जमाबंदी अपडेट नहीं होने का असर किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं पर भी पड़ रहा है. किसानों के अनुसार, अपने नाम से जमीन की जमाबंदी दर्ज नहीं होने के कारण कई लोग पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित हो गये हैं. वहीं, भूमि के ऑनलाइन सत्यापन के दौरान राशन कार्डधारियों से जुड़े मामलों में भी कई किसानों को परेशानी हो रही है.

बंटवारे के बाद भी पूर्वजों के नाम दर्ज है जमीन

प्रखंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनके बीच वर्षों पहले जमीन का बंटवारा हो चुका है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में अब तक नामांतरण नहीं हुआ है. इसके कारण जमीन की जमाबंदी अभी भी पिता या अन्य पूर्वजों के नाम से चल रही है.

ऑनलाइन पोर्टल पर पूरी जमीन पूर्वज के नाम दर्ज होने के कारण वास्तविक हिस्सेदार किसान की भूमि की सही स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है. किसानों का कहना है कि दस्तावेज जमा कराने के बावजूद रिकॉर्ड उनके नाम से अपडेट नहीं हो रहा है.

क्या कहती हैं सीओ

सीओ उमा कुमारी ने कहा कि किसानों का डाटा किस वजह से अब तक अपडेट नहीं किया गया है, इसकी रिपोर्ट संबंधित कर्मचारियों से मांगी जायेगी. शीघ्र ही किसानों की समस्याओं का समाधान कराया जायेगा.

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By अजित द्विवेदी

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