Gopalganj News: जिले के भोरे प्रखंड अंतर्गत बगहवां मिश्र पंचायत में वित्तीय वर्ष 2020-21 में बने पंचायत सरकार भवन के लंबित भुगतान का विवाद गहरा गया है. पंचायत की पूर्व मुखिया सुनीता देवी ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर अपनी बकाया राशि के त्वरित भुगतान और पूरे मामले की उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है. पूर्व मुखिया ने भवन के प्रथम तल की माप पुस्तिका (MB) और संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों को जानबूझकर दबाने या गायब किए जाने की गंभीर आशंका व्यक्त की है.
62 लाख का निर्माण, अब भी लाखों का भुगतान अटका
सुनीता देवी के अनुसार, उनके कार्यकाल (2016-2021) में पंचायत सरकार भवन के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) और प्रथम तल का निर्माण कार्य पूरा कराया गया था:
- कार्य की कुल लागत: उपलब्ध एमबी के अनुसार ग्राउंड फ्लोर के लिए ₹50,13,625 तथा प्रथम तल के लिए करीब ₹12,00,000 की राशि दर्ज थी.
- अब तक मिला भुगतान: कार्यकाल के दौरान केवल ₹21.50 लाख का भुगतान हुआ था. बाद में तत्कालीन डीएम व डीपीआरओ के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2024-25 में टैक्स कटौती के बाद ₹16,00,168 का भुगतान किया गया.
- शेष राशि लंबित: प्रथम तल के निर्माण सहित शेष बकाये का भुगतान अभिलेखों के अभाव का हवाला देकर रोक दिया गया है.
जेई और पंचायत सचिव की भूमिका की जांच की मांग
पूर्व मुखिया ने वर्तमान पंचायत सचिव और कनीय अभियंता (जेई) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रथम तल की एमबी और आवश्यक वाउचरों को छिपाकर उनके वैध भुगतान को रोकने की साजिश की जा रही है. कार्य के भौतिक सत्यापन और पुष्टि के लिए उन्होंने वर्तमान बीडीसी पति प्रमोद ठाकुर तथा सिसई पंचायत के मुखिया पति जितेंद्र कुमार मिश्रा के गवाह के तौर पर बयान दर्ज कराने का सुझाव दिया है.
निष्पक्ष जांच कर बकाये के भुगतान की गुहार
पूर्व मुखिया सुनीता देवी ने डीएम से गुहार लगाते हुए कहा, "पंचायत सरकार भवन का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ कराया गया था, लेकिन प्रथम तल की एमबी और अभिलेखों को गायब कर बकाया राशि दबाई जा रही है. सभी बिल, वाउचर और एमबी की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई हो और हमारा वैध बकाया भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए."
