गोपालगंज में 500 हेक्टेयर में होगी जैविक खेती, किसानों को प्रति हेक्टेयर मिलेगा ₹5,000 का अनुदान

Gopalganj News : गोपालगंज में रासायनिक खेती को अलविदा कहने की तैयारी है. 500 हेक्टेयर में जैविक खेती के लिए 25 क्लस्टर बनाए जाएंगे, जहाँ किसानों को प्रति हेक्टेयर 5000 रुपये का अनुदान मिलेगा. यह योजना मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएगी और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद सुनिश्चित करेगी.

Gopalganj News : जिले में रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) का क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा. इसके तहत जिले के सबसे बड़े प्रखंड कुचायकोट में 500 हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती कराई जाएगी. योजना के सफल संचालन के लिए 20-20 हेक्टेयर के कुल 25 क्लस्टर बनाए जाएंगे.

एक सप्ताह में तैयार होगी किसान समूहों की सूची

जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर किसान समूहों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं. इसका उद्देश्य योजना का लाभ जल्द से जल्द पात्र किसानों तक पहुंचाना है.

जैविक खेती से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरता, घटेगी रसायनों पर निर्भरता

योजना का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता कम करना, जैविक खेती को बढ़ावा देना, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना तथा जलवायु परिवर्तन के अनुकूल टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करना है. जैविक खेती के दौरान वर्मी कम्पोस्ट, कार्बनिक खाद, हरित खाद, जैव उर्वरक और जैव कीटनाशकों का उपयोग किया जाएगा. इससे तैयार होने वाली फसलें रासायनिक अवशेषों से मुक्त होंगी, जिससे किसानों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद उपलब्ध होंगे.

20-20 हेक्टेयर के बनेंगे 25 क्लस्टर

योजना के तहत प्रत्येक क्लस्टर का क्षेत्रफल 20 हेक्टेयर होगा. इनका संचालन पहले से निबंधित कृषक समूह, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), स्वयं सहायता समूह, किसान क्लब या जीविका समूह के माध्यम से किया जाएगा. जहां ऐसे समूह उपलब्ध नहीं होंगे, वहां नए किसान समूहों का गठन किया जाएगा. कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार इच्छुक किसानों को जोड़कर क्लस्टर तैयार करेंगे.

एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर तक मिलेगा लाभ

योजना के तहत प्रत्येक किसान अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि के लिए लाभ प्राप्त कर सकेगा. योजना में शामिल किसानों को लगातार तीन वर्षों तक जैविक खेती करनी होगी. साथ ही प्रत्येक किसान समूह की हर महीने कम-से-कम एक बैठक आयोजित करना भी अनिवार्य होगा.

डीबीटी के माध्यम से मिलेगा ₹5,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान

योजना में शामिल किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹5,000 का अनुदान दिया जाएगा. जैविक खेती से संबंधित सामग्री की खरीद और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी.

अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार ने प्रखंड कृषि पदाधिकारियों, कृषि समन्वयकों, किसान सलाहकारों, प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों और सहायक तकनीकी प्रबंधकों को लक्ष्य के अनुरूप किसान समूहों का गठन कर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. जिला प्रशासन का मानना है कि इस योजना से जिले में जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.

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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Yuvraj Ratan

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