Gopalganj News : ( प्रशांत पाठक की रिपोर्ट)
विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर गोपालगंज जिले के उचकागांव प्रखंड अंतर्गत त्रिलोकपुर पंचायत में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायत को ‘ग्रीन विलेज’ (हरित ग्राम) के रूप में विकसित करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति आम जनमानस को जागरूक करना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता त्रिलोकपुर पंचायत के मुखिया सुरेंद्र राम ने की, जिसमें भारी संख्या में ग्रामीण महिलाओं, युवतियों, बुजुर्गों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने हिस्सा लिया.
त्रिलोकपुर को ‘ग्रीन विलेज’ बनाने की अनूठी पहल
पंचायत सरकार भवन परिसर में मुखिया सुरेंद्र राम और अन्य गणमान्य लोगों द्वारा संयुक्त रूप से पौधरोपण करके की गई. मुखिया ने पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए एक बेहद व्यावहारिक और प्रेरणादायक विचार साझा किया. कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी केवल किसी एक विशेष दिन (जैसे पर्यावरण दिवस) तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए. आगे कहा कि परिवार में बच्चों के जन्मदिन, अन्नप्राशन, नामकरण संस्कार, मुंडन या विवाह के अवसर पर अनिवार्य रूप से कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लिया जाए.
हरित अभियान’ को सामाजिक आंदोलन बनाने का संकल्प
मुखिया की इस दूरदर्शी अपील का वहां मौजूद महिलाओं, युवतियों और बुजुर्गों पर गहरा प्रभाव पड़ा. कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव का समर्थन किया और सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे आज से ही इसे एक व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में अपनाएंगे. ग्रामीणों ने वचन दिया कि भविष्य में उनके घरों में होने वाले प्रत्येक मांगलिक कार्यक्रम की याद में एक पौधा अवश्य लगाया जाएगा और उसकी पूरी देखरेख भी की जाएगी.
जनकल्याणकारी योजनओं के बारे में बताया
पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम के समापन के पश्चात मुखिया सुरेंद्र राम की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई. इस बैठक में पंचायत के विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई.
सामाजिक सुरक्षा और आवास
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana), वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन और विधवा पेंशन के पात्र लाभार्थियों की स्थिति की समीक्षा की गई, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच सके.
बुनियादी ढांचा और जल संचयन
पंचायत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नाली निर्माण और जल संचयन हेतु सोखता निर्माण की नई योजनाओं का चयन किया गया.गांव को साफ-सुथरा और स्वच्छ रखने के लिए स्वच्छता से जुड़ी कई अहम कड़ियों और आगामी रणनीतियों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
Also Read : जेपीयू नामांकन: छपरा, सीवान और गोपालगंज से उमड़े आवेदन, 40 हजार पार पहुंचने की संभावना
