गोपालगंज: 15 हजार से अधिक शिक्षकों के तबादले की नई गाइडलाइन जारी, पुराने आवेदन रद्द; ई-शिक्षाकोष से पांच श्रेणियों की प्रक्रिया होगी पूरी

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। सभी पुराने आवेदन रद्द कर दिए गए हैं और अब पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ही होगी।

Gopalganj Teacher Transfer: शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. इसके तहत गोपालगंज जिले में 15 हजार से अधिक शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया नई व्यवस्था के अनुसार शुरू की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब स्थानांतरण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया केवल ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ही संपन्न होगी. पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से दिए गए सभी आवेदन स्वतः निरस्त माने जाएंगे.

पांच श्रेणी के शिक्षक होंगे शामिल

नई व्यवस्था के तहत विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षक, सहायक शिक्षक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक-इन पांच श्रेणियों के शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा. विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार आवेदन, आपत्ति और शिकायत भी केवल पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे.

Transfer-Posting : सेवा अवधि की शर्त में आंशिक छूट

पहली स्थानांतरण प्रक्रिया में पांच वर्ष की न्यूनतम सेवा अवधि की शर्त को केवल आवेदन देने के लिए शिथिल किया गया है. हालांकि प्रोबेशन अवधि में कार्यरत शिक्षक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक आवेदन नहीं कर सकेंगे. पात्रता का निर्धारण 31 मार्च 2026 को कट-ऑफ तिथि मानकर किया जाएगा. पिछले दो वर्षों में स्थानांतरित हो चुके शिक्षक भी इस बार आवेदन कर सकेंगे.

पहले समायोजन, फिर सामान्य तबादला

नई नीति के अनुसार सबसे पहले अधिशेष (सरप्लस) शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा. इसके बाद पारस्परिक स्थानांतरण और अंत में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी. शिक्षक अभाव और अधिशेष वाले विद्यालयों की सूची विभागीय पोर्टल पर जारी की जाएगी.

अधिशेष शिक्षकों को अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प देने का अवसर मिलेगा. यदि एक ही विद्यालय के लिए एक से अधिक आवेदन आते हैं, तो अंक आधारित प्रणाली के अनुसार विद्यालय आवंटित किया जाएगा.

अंतर जिला तबादले का भी विकल्प

शिक्षकों को अंतर जिला और अंतर प्रमंडल स्थानांतरण का भी विकल्प दिया गया है. इच्छुक शिक्षक अधिकतम पांच जिलों या प्रमंडलों का चयन कर सकेंगे. हालांकि उन्हें एक ही विकल्प चुनना होगा—या तो जिले के भीतर स्थानांतरण या अंतर जिला/प्रमंडल स्थानांतरण.

31 मार्च 2026 तक 58 वर्ष या उससे अधिक आयु पूरी कर चुके शिक्षकों को समानुपातीकरण के लिए चिह्नित नहीं किया जाएगा, जब तक वे स्वयं इसकी इच्छा न जताएं.

विशेष मामलों में प्रमाण-पत्र अनिवार्य

गंभीर बीमारी, असाध्य रोग और दिव्यांगता से जुड़े मामलों में सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा. समान अंक होने की स्थिति में महिला शिक्षिकाओं को गृह प्रखंड और पुरुष शिक्षकों को गृह जिला के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी.

विभाग की सख्त हिदायत

शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि अब स्थानांतरण से संबंधित सभी प्रक्रियाएं केवल ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ही मान्य होंगी. किसी अन्य माध्यम से दिए गए आवेदन पर सामान्यतः विचार नहीं किया जाएगा. साथ ही पूर्व में जारी सभी दिशा-निर्देश और पुराने आवेदन नई नियमावली लागू होते ही स्वतः निरस्त माने जाएंगे.


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By Prabhat khabar news desk

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