Gopalganj Student and Development Fund Audit : गोपालगंज के थावे स्थित मुखीराम उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय में छात्र कोष और विकास कोष के उपयोग की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है. शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधानाध्यापक को एक बार फिर अंतिम अवसर दिया है. तय तिथि पर उनके उपस्थित नहीं होने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) विनय कुमार सुमन ने 5 अगस्त को सभी मूल अभिलेखों और लिखित स्पष्टीकरण के साथ कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
ग्रामीणों की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, थावे के विदेशी टोला निवासी श्यामलाल प्रसाद समेत कई ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से शिकायत कर आरोप लगाया है कि वर्ष 2016 से अब तक छात्र कोष और विकास कोष की राशि के उपयोग में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता हुई है. शिकायत में करोड़ों रुपये के गबन की आशंका भी जताई गई है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी. शिकायत के आधार पर विभाग ने जांच शुरू कर दी है.
कैशबुक से बैंक स्टेटमेंट तक होगी जांच
डीपीओ ने प्रधानाध्यापक को छात्र एवं विकास कोष से जुड़े सभी मूल अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. इनमें कैशबुक, बैंक पासबुक, बैंक स्टेटमेंट, भुगतान वाउचर, खर्च का विस्तृत विवरण और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड शामिल हैं. यदि पहले किसी स्तर पर जांच हुई है या कोई विभागीय आदेश जारी हुआ है, तो उसकी प्रति भी उपलब्ध कराने को कहा गया है. विभाग वर्ष 2016 से अब तक के प्रत्येक वित्तीय लेन-देन का सत्यापन करेगा.
दस्तावेज नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
डीपीओ विनय कुमार सुमन ने कहा कि प्रस्तुत अभिलेखों और लिखित स्पष्टीकरण के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (पीजीआरओ) को भेजी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 5 अगस्त को भी प्रधानाध्यापक उपस्थित नहीं होते हैं या आवश्यक दस्तावेज एवं संतोषजनक जवाब उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो विभागीय नियमों के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.
जांच पर टिकी हैं सबकी निगाहें
शिक्षा विभाग की सख्ती के बाद विद्यालय में वित्तीय अनियमितता के आरोपों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
