Gopalganj Anganwadi Gas Cylinder : गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड की छह पंचायतों के 87 आंगनबाड़ी केंद्रों में अब तक दूसरा गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया है. इसके कारण गैस खत्म होने पर बच्चों के लिए समय पर पका हुआ भोजन तैयार करने में कठिनाई हो रही है. सेविकाओं को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे केंद्रों के संचालन और बच्चों के पोषण पर असर पड़ रहा है.
87 आंगनबाड़ी केंद्र अब भी एक सिलेंडर के भरोसे
कुचायकोट प्रखंड के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों को विभाग की ओर से दो गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिए गए हैं. हालांकि पूरखास, बड़हरा, सेमरा, सोनहुला, अहियापुर और विक्रमपुर पंचायतों के 87 केंद्र अब भी केवल एक गैस सिलेंडर के सहारे संचालित हो रहे हैं.
गैस खत्म होते ही भोजन व्यवस्था होती है प्रभावित
दूसरा सिलेंडर नहीं होने के कारण गैस समाप्त होते ही बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में परेशानी आती है. आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि कई बार उन्हें उधार सिलेंडर लेना पड़ता है या वैकल्पिक साधनों से भोजन बनाना पड़ता है. इससे बच्चों को भोजन मिलने में देरी होती है.
विभाग ने राशि दी, फिर भी नहीं मिला सिलेंडर
सेविकाओं के अनुसार दूसरे गैस सिलेंडर की राशि विभाग की ओर से संबंधित गैस एजेंसी को उपलब्ध करा दी गई है. इसके बावजूद अब तक सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की गई है. इससे नियमित रूप से संचालित होने वाली पोषण योजना प्रभावित हो रही है.
जनप्रतिनिधियों ने उठाई समस्या
मुखिया संघ के उपाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए बाल विकास परियोजना निदेशक और जिला पदाधिकारी को पत्र भेजकर जल्द समाधान की मांग की है. उनका कहना है कि बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
सीडीपीओ ने समाधान का दिया भरोसा
सीडीपीओ संगीता कुमारी ने बताया कि दूसरे गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं होने के मामले में संबंधित गैस एजेंसी और विभाग को पत्र भेजा गया है. साथ ही पूरे मामले की जानकारी सदर एसडीओ को भी लिखित रूप से दी गई है. उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही सभी केंद्रों को दूसरा सिलेंडर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा.
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