Sahyog Shivir: जिले के कुचायकोट प्रखंड की सात ग्राम पंचायतों में मंगलवार को आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से विशेष सहयोग शिविरों का आयोजन किया गया. यह शिविर पुरखास, भोपतपुर, जलालपुर, बनतैल, विक्रमपुर, तिवारी मटिहनिया और दुर्ग मटिहनिया पंचायतों में लगाए गए. शिविरों का मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना और एक ही छत के नीचे लोक सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना रहा.
210 में से 192 आवेदनों का त्वरित समाधान
सहयोग शिविरों के दौरान ग्रामीणों की ओर से विभिन्न लोक सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित कुल 210 आवेदन दर्ज किए गए. इनमें 16 ऑनलाइन और 194 ऑफलाइन आवेदन शामिल थे. मौके पर मौजूद प्रशासनिक व तकनीकी टीमों ने तत्परता दिखाते हुए कुल 192 आवेदनों का ऑन द स्पॉट सफल निष्पादन कर दिया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली.
प्रमाण पत्र और राशन कार्ड मामलों को प्राथमिकता
शिविर में आमजन से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निबटारा किया गया:
- प्रमाण पत्र सेवाएं: जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों की जांच कर त्वरित स्वीकृति दी गई.
- खाद्य सुरक्षा: नए राशन कार्ड बनवाने और त्रुटि सुधार से संबंधित आवेदनों का प्राथमिकता से निस्तारण किया गया.
- कबीर अंत्येष्टि अनुदान: जलालपुर पंचायत शिविर में कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना के चिन्हित पात्र लाभार्थियों को अधिकारियों द्वारा सहायता राशि के चेक सौंपे गए.
ग्रामीणों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील
जलालपुर पंचायत में आयोजित शिविर के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आदिया प्रकाश ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा, "सहयोग शिविरों का उद्देश्य प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाना है. ग्रामीण जागरूक बनें और सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं, साथ ही अपनी समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए इन शिविरों में अवश्य पहुंचें."
इस अवसर पर ग्रामीण विकास पदाधिकारी अशरफ आलम, जलालपुर की मुखिया मधु देवी और सरपंच लक्ष्मी नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
