गोपालगंज: ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रखंड की प्रत्येक पंचायत में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चयनित महिलाओं को केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी.
75 हजार रुपये की लागत से स्थापित होगा बिक्री केंद्र
प्रखंड परियोजना प्रबंधक (बीपीएम) निरजेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्रत्येक बिक्री केंद्र 75 हजार रुपये की लागत से स्थापित होगा. इसमें 60 हजार रुपये राज्य सरकार की ओर से सहायता के रूप में दिए जाएंगे, जबकि शेष राशि लाभुक को स्वयं वहन करनी होगी.
डीप फ्रीजर, विजी कूलर और अन्य संसाधनों पर खर्च होगी सहायता राशि
बीपीएम ने बताया कि सरकार से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग डीप फ्रीजर, विजी कूलर, परिवहन व्यवस्था, दुकान की मरम्मत तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद और व्यवस्था में किया जाएगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका समूहों के उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं के लिए स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुधा डेयरी के उत्पाद भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे.
सत्यापन के बाद होगा लाभुकों का चयन
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने आवेदन किया है. सभी आवेदनों की गहन जांच के बाद ही पात्र महिलाओं का चयन किया जाएगा. सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आवेदिका संबंधित पंचायत की निवासी है या नहीं, उसके पास स्वयं की अथवा किराये की दुकान उपलब्ध है या नहीं. दुकान से संबंधित दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जाएगा.
महिला उद्यमिता और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बीपीएम निरजेश कुमार वर्मा ने बताया कि निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली महिलाओं को ही योजना का लाभ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने, जीविका समूहों को मजबूत करने तथा महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी.
