Gopalganj News (प्रशांत पाठक की रिपोर्ट): गोपालगंज जिले के उचकागांव स्थानीय प्रखंड से होकर गुजरने वाली हथुआ-भटनी रेल खंड पर कुचायकोट और मैरवा को जोड़ने वाली सड़क पर बनाए गए अंडरपास की स्थिति अत्यंत जर्जर हो गई है. हाल ही में इस अंडरपास की जमीनी सतह पर बनाई गई पीसीसी सड़क का स्लैब अचानक धंस गया है. इस खराबी के कारण इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले हजारों राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों की जान हर समय जोखिम में पड़ी रहती है. प्रशासन की इस बड़ी अनदेखी के चलते यह अंडरपास अब किसी बड़े हादसे को खुला न्योता दे रहा है.
गहरे गड्ढे और बदहाल सड़क से बढ़ी परेशानी
अंडरपास के भीतर और उसके प्रवेश द्वार पर बड़ी संख्या में गहरे गड्ढे उभर आए हैं. धंसे हुए स्लैब से कंक्रीट उखड़ने के कारण कई जगहों पर खतरनाक स्थिति बन गई है. रही-सही कसर हालिया वर्षा के पानी ने पूरी कर दी है. अंडरपास के नीचे कीचड़ और भारी जलजमाव के कारण राहगीरों को यह पता ही नहीं चल पाता कि सड़क कहाँ है और गड्ढा कहाँ स्थित है.
अंधेरे और गड्ढों के कारण रोज हो रहे हादसे
स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि इस मुख्य मार्ग से हर दिन सैकड़ों की संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है. इन छिपे हुए गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन सवार असंतुलित होकर गिर रहे हैं, जिससे लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं. विशेषकर रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि यहाँ पर प्रकाश (लाइटिंग) की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की गई है.
बरसात में महीनों भरा रहता है पानी
रेलवे द्वारा मानव रहित रेल खंड पर बनवाए गए इस अंडरपास में बरसात का मौसम शुरू होते ही गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. यह समस्या जुलाई महीने से शुरू होकर अगले वर्ष फरवरी-मार्च तक लगातार बनी रहती है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ती है. इसी बारहमासी जलजमाव के कारण अब पीसीसी सड़क का स्लैब पूरी तरह धंसने की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
विभागीय उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों ने कई बार रेल विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस जर्जर स्थिति से लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है. लोगों का सीधा आरोप है कि जिम्मेदारों की सुस्ती के कारण राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं. यदि समय रहते इस रेलवे अंडरपास की मरम्मत नहीं की गई, तो कभी भी कोई बड़ी और अप्रिय दुर्घटना घट सकती है.
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