Gopalganj Septic Tank Accident: कुचायकोट अंचल के सवनही जगदीश गांव में शनिवार को निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में दम घुटने से चार मजदूरों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है. हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी समीर सौरभ के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. प्रेरणा सिंह तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी ली. प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है. जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन शौचालय की टंकी में शटरिंग खोलने के दौरान एक मजदूर अंदर गया था. उसके बाहर नहीं आने पर अन्य मजदूर भी उसे बचाने के प्रयास में एक-एक कर टंकी के अंदर चले गए. इसके बाद जहरीली गैस की चपेट में आने से चारों मजदूर बेहोश हो गए. स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद सभी को टंकी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गयी और मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया.
चार मजदूरों की गयी जान
हादसे में बंटी बैठा उर्फ राकेश बैठा, जावेद आलम उर्फ टीपू आलम, उमेश यादव और शब्बे आलम की मौत हुई है. वहीं, बचाव के प्रयास में टंकी के अंदर उतरे एक अन्य व्यक्ति के भी गैस की चपेट में आने की सूचना है. उसका इलाज कराया जा रहा है. पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है.
प्रशासन ने शुरू करायी जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. जिला प्रशासन की ओर से घटना की जांच करायी जा रही है. जांच में हादसे के कारणों और निर्माण कार्य से जुड़े परिस्थितियों की जानकारी जुटायी जा रही है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
गैर-प्राकृतिक आपदा के तहत मिलेगा मुआवजा
अपर आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने बताया कि घटना को गैर-प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत सामूहिक दुर्घटना की श्रेणी में रखा गया है. मृतकों के परिजनों को अनुदान उपलब्ध कराने के लिए विभागीय संकल्प संख्या-2901/आ. प्र., दिनांक 03.10.2008 के तहत अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है. मंजूरी मिलते ही प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल
निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में मजदूरों के एक के बाद एक प्रवेश करने और हादसे की स्थिति उत्पन्न होने से निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं. प्रशासन की जांच में हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं को देखा जाएगा. फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है.
हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम है. जिला प्रशासन की ओर से मुआवजा प्रक्रिया शुरू किए जाने से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है.
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