Permanent Lok Adalat: वकालतखाना भवन में शनिवार को स्थायी लोक अदालत की भूमिका, क्षेत्राधिकार, प्रक्रिया एवं लाभ के साथ ‘मिडिएशन फॉर नेशन कैंपेन 3.0’ विषय पर अधिवक्ताओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं को स्थायी लोक अदालत एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराना था.
जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों का होता है निबटारा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राधेश्याम शुक्ला ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22-बी के तहत गोपालगंज व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थायी लोक अदालत की स्थापना की गयी है. इसका उद्देश्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का सुलह-समझौते के माध्यम से त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है.
उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत में डाक, तार, टेलीफोन, वायु एवं सड़क परिवहन, बिजली, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, अस्पताल एवं औषधालय, बीमा, आवास एवं रियल एस्टेट, शिक्षा, बैंकिंग, ट्रैफिक चालान सहित अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का निबटारा किया जाता है. उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत का निर्णय अंतिम और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है, जिससे लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है.
इन विवादों का होगा मध्यस्थता से निबटारा
कार्यक्रम में डीजे सप्तम सह जिला मध्यस्थता केंद्र के समन्वयक विवेक कुमार त्रिपाठी ने ‘मिडिएशन फॉर नेशन कैंपेन 3.0’ की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि व्यवहार न्यायालय में लंबित पारिवारिक विवाद, बीमा वाद, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा मामले, सुलहनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, राजस्व, बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का यह सुनहरा अवसर है.
स्थायी लोक अदालत और मध्यस्थता केंद्र में मामले भेजने की अपील
कार्यक्रम को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अनूप कुमार उपाध्याय, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार मिश्रा तथा महासचिव मनोज कुमार मिश्रा ने भी संबोधित किया. उन्होंने अधिवक्ताओं से अनुरोध किया कि जनोपयोगी सेवाओं और सुलह योग्य मामलों को स्थायी लोक अदालत अथवा मध्यस्थता केंद्र में भेजकर न्यायिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने में सहयोग करें.
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष रवि प्रकाश मणी त्रिपाठी, उदय नारायण मिश्र, विनोद दुबे मौजूद थे. मध्यस्थ रामबाबू प्रसाद सिंह, दिग्विजय मिश्रा, देवेंद्र पांडेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं मध्यस्थ उपस्थित रहे.
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