मामूली विवादों में खौफनाक कदम उठा रहे युवा, विशेषज्ञों ने मोबाइल एडिक्शन को बताया बड़ी वजह

Gopalganj News: गोपालगंज में आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की बढ़ती घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है. विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल की लत, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, पारिवारिक संवाद की कमी और भावनात्मक तनाव युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं.

Gopalganj News: (मनीष राज) गोपालगंज जिले में हाल के दिनों में आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल की बढ़ती लत, सोशल मीडिया और रील्स की अत्यधिक खपत, पारिवारिक संवाद की कमी तथा घटता धैर्य युवाओं को भावनात्मक रूप से कमजोर बना रहा है. छोटी-छोटी बातों पर आवेश में आकर कई युवा खतरनाक कदम उठा रहे हैं.

छोटी बातों पर बढ़ रही आत्मघाती प्रवृत्ति

हथुआ, बरौली, मांझा और अन्य इलाकों से हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पारिवारिक विवाद, डांट-फटकार या आपसी तनाव के बाद लोगों ने आत्महत्या या आत्महत्या का प्रयास किया. इनमें मोबाइल इस्तेमाल को लेकर विवाद, घरेलू झगड़े और व्यक्तिगत तनाव जैसी परिस्थितियां भी शामिल रही हैं.

पिछले 24 घंटे में भी सामने आए कई मामले

जिले में बीते 24 घंटे के दौरान भी कई घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें पारिवारिक विवाद के बाद लोगों ने जहरीला पदार्थ खाया या फांसी लगाने का प्रयास किया. इन घटनाओं ने अभिभावकों और समाज के बीच चिंता बढ़ा दी है कि भावनात्मक तनाव से निपटने की क्षमता कमजोर होती जा रही है.

विशेषज्ञ बोले, मोबाइल बढ़ा रहा सामाजिक दूरी

मनोविज्ञान विशेषज्ञ डॉ. आर.के. सिन्हा का कहना है कि बदलती जीवनशैली में मोबाइल फोन परिवार के सदस्यों के बीच संवाद कम कर रहा है. परिवार के लोग एक-दूसरे के साथ समय बिताने के बजाय अलग-अलग स्क्रीन में व्यस्त रहते हैं, जिससे बच्चों और युवाओं में धैर्य तथा सहनशीलता कम होती जा रही है.

सोशल मीडिया का अधिक उपयोग बदल रहा व्यवहार

मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेश के अनुसार, बच्चे और युवा वास्तविक जीवन की तुलना में मोबाइल और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिता रहे हैं. इसका असर उनकी सोच, व्यवहार और भावनात्मक संतुलन पर पड़ रहा है. उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उनके साथ मित्रवत व्यवहार करें.

पारिवारिक संवाद और काउंसलिंग की जरूरत

विशेषज्ञ डॉ. ओ.पी. तिवारी का कहना है कि पारिवारिक संवाद की कमी भी ऐसी घटनाओं का एक बड़ा कारण बन रही है. कई बच्चे और युवा अपनी समस्याएं साझा नहीं कर पाते, जिससे वे अकेलापन महसूस करते हैं. समय पर भावनात्मक सहयोग, काउंसलिंग और सकारात्मक पारिवारिक माहौल से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

समाज और परिवार की भूमिका अहम

विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को तनाव से निपटने के स्वस्थ तरीके सिखाने, परिवार में खुला संवाद बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेने से ऐसी घटनाओं की रोकथाम में मदद मिल सकती है. साथ ही अभिभावकों को बच्चों की भावनाओं और व्यवहार में आने वाले बदलावों पर संवेदनशीलता से ध्यान देना चाहिए.

इसे भी पढ़ें: गोपालगंज के किसानों के लिए खुशखबरी: 75% अनुदान पर मिलेगा नारियल का पौधा, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा लाभ

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >