Gopalganj News (संजय कुमार अभय): बिहार के प्रमुख सिद्धपीठ थावे मंदिर परिसर के पुनरुद्धार कार्य में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही और सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए पर्यटन निगम के कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को तत्काल हटाने का निर्देश दिया.
27 मई को खुद करेंगे निरीक्षण
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि 27 मई को वे स्वयं मंदिर परिसर का भौतिक निरीक्षण करेंगे और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे. उन्होंने कहा कि निरीक्षण में गड़बड़ी या लापरवाही पाए जाने पर संवेदक और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय है.
विधायक की शिकायत के बाद हुआ बड़ा एक्शन
विधानसभा के उप मुख्य सचेतक मंजीत सिंह ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर मामले को गंभीरता से उठाया था. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में शुरू हुए कार्य को 30 जनवरी 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक 30 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हो सका है. आरोप यह भी है कि फर्जी विपत्र बनाकर राशि की निकासी कर ली गई.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुई समीक्षा
मामले को गंभीर मानते हुए सोमवार को उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित की गई. बैठक में गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा, पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक, मुख्य अभियंता और अन्य अधिकारी शामिल हुए. मुख्य सचिव ने सभी विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया.
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