Gopalganj News : भीषण गर्मी में प्रखंड कार्यालय में पेयजल संकट से लोग परेशान

Gopalganj News : पेयजल संकट को लेकर जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल

Gopalganj News (अखिल कुमार) : भीषण गर्मी के बीच मांझा प्रखंड मुख्यालय, थाना परिसर तथा बाजार क्षेत्र में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है. सरकारी कार्यालयों में अपने जरूरी कार्यों से पहुंचने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि लोगों को मजबूरी में दुकानों से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है या फिर आसपास लगे चापाकलों का सहारा लेना पड़ रहा है. लेकिन वहां भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.भीषण गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ ही लोगों की मुश्किलें और भी अधिक बढ़ गई हैं.बुधवार को प्रखंड कार्यालय पहुंचे कई ग्रामीणों ने बताया कि कार्यालय परिसर में पीने के शुद्ध पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. कार्यालय परिसर में प्रमुख के सौजन्य से लगाया गया आरो वाटर सिस्टम भी खराब पड़ा हुआ है. इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सुबह से अपने विभिन्न कार्यों को लेकर आने वाले ग्रामीण घंटों तक कार्यालय परिसर में रहते हैं, लेकिन उन्हें पीने के लिए स्वच्छ पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सरकारी कार्यालयों में ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहेगा तो आम लोगों को कैसे राहत मिलेगी.ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में प्रखंड कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पेंशन, आवास योजना, दाखिल-खारिज और अन्य कार्यों को लेकर पहुंचते हैं. इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और दूर-दराज गांवों से आने वाले लोग भी शामिल रहते हैं. लेकिन पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है.

थाना परिसर में भी नहीं है शुद्ध पेयजल की व्यवस्था

कई बार लोगों को बाहर निकलकर बाजार की दुकानों से पानी खरीदना पड़ता है. इससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है.सिर्फ प्रखंड कार्यालय ही नहीं, थाना परिसर की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है. थाना में किसी कार्य से आने वाले लोगों के लिए भी शुद्ध पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है. थाना परिसर में प्रतिदिन ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग विभिन्न मामलों को लेकर पहुंचते हैं. फरियादी, गवाह, परिजन और अन्य लोग घंटों तक थाना परिसर में बैठे रहते हैं, लेकिन उन्हें पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है. लोगों का कहना है कि अगर किसी को प्यास लग जाए तो उसे आसपास की दुकानों पर निर्भर रहना पड़ता है.गर्मी में यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है.

गर्मी में सार्वजनिक पेयजल सुविधा के अभाव से लोग परेशान

मांझा बाजार तथा नई बाजार क्षेत्र में भी सार्वजनिक पेयजल की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.बाजार आने वाले लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए न तो कहीं प्याऊ की व्यवस्था की गई है और न ही सार्वजनिक जलापूर्ति की कोई स्थायी सुविधा दिखाई दे रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले गर्मी के मौसम में कई जगहों पर प्याऊ लगाए जाते थे, लेकिन अब ऐसी व्यवस्था लगभग समाप्त हो चुकी है.इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी में सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को हो रही है. दूरदराज गांवों से आने वाले लोग सुबह घर से निकलते हैं और कई घंटे तक सरकारी कार्यालयों में अपने काम के लिए इंतजार करते रहते हैं. इस दौरान अगर पानी नहीं मिले तो उनकी हालत खराब हो जाती है. कई लोगों ने कहा कि गर्मी में पानी की कमी स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है. डिहाइड्रेशन और लू लगने जैसी घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है.

प्रखंड कार्यालय और बाजार में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई है. लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की ओर न तो सरकारी अधिकारियों का ध्यान है और न ही जनप्रतिनिधि कोई पहल कर रहे हैं.जबकि गर्मी के मौसम में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए. लोगों ने मांग की है कि प्रखंड कार्यालय, थाना परिसर और बाजार क्षेत्र में जल्द से-जल्द शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि खराब पड़े आरो सिस्टम की तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त वाटर कूलर और पानी की टंकियां लगाने की आवश्यकता है.कई लोगों ने सुझाव दिया कि बाजार क्षेत्र और सरकारी कार्यालयों में अस्थायी प्याऊ की व्यवस्था भी की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी में राहत मिलेगी.

बुनियादी सुविधा के अभाव से प्रशासन पर उठ रहे सवाल

भीषण गर्मी के बीच लगातार बढ़ते पेयजल संकट ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सरकारी कार्यालयों में दूर-दराज से आने वाले लोगों को जब बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल पा रही है तो इससे आम जनता में असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है.अब लोगों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि आखिर कब इस गंभीर समस्या का समाधान होगा और लोगों को राहत मिल पाएगी.

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Published by: YUVRAJ RATAN

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