Gopalganj News (अखिल) : मांझा प्रखंड मुख्यालय स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में बुधवार को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की ओर से जिले के विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मियों को कटे-फटे, पुराने और गंदे नोटों के विनिमय की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी देना था, ताकि आम लोगों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. कार्यक्रम में जिले के कई बैंक शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए तथा उन्हें नोट एवं सिक्का विनिमय से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई.
कटे-फटे नोट बदलने और नकली नोट पहचान पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ अधिकारियों ने बैंक कर्मचारियों को बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए सभी बैंकों को कटे-फटे नोट बदलने की जिम्मेदारी दी गई है. कई बार जानकारी के अभाव में लोग गंदे या क्षतिग्रस्त नोट लेकर परेशान रहते हैं और उन्हें लगता है कि ऐसे नोट अब किसी काम के नहीं हैं। लेकिन RBI के नियमों के अनुसार निश्चित मानकों के आधार पर कटे-फटे नोट बदले जा सकते हैं. अधिकारियों ने कर्मचारियों को यह भी समझाया कि लोगों के साथ सरल और सहयोगात्मक व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करना बैंक कर्मियों की जिम्मेदारी है. प्रशिक्षण सत्र में नोटों की सुरक्षा विशेषताओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई. अधिकारियों ने कर्मचारियों को असली और नकली नोटों की पहचान करने के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया। नोटों में मौजूद वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड, रंग बदलने वाली स्याही, उभरी हुई छपाई और अन्य सुरक्षा चिह्नों के बारे में बताया गया. साथ ही यह भी कहा गया कि बैंक कर्मचारियों को इन विशेषताओं की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि नकली नोटों की पहचान कर उन्हें प्रचलन में आने से रोका जा सके.
समय-समय पर प्रशिक्षण से बैंकिंग सेवाएं होंगी और बेहतर : विशेषज्ञ
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने से बैंक कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है और वे ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान कर पाते हैं. उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दौर में भी नकदी का उपयोग पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में लोग नकद लेन-देन पर निर्भर हैं. ऐसे में नोट एवं सिक्का विनिमय जैसी सुविधाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है.
एसबीआई परिसर में नोट एक्सचेंज मेला, बैंक अधिकारियों ने तुरंत दी सुविधा
इसी कड़ी में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए गोपालगंज शहर के मौनिया चौक स्थित एसबीआई परिसर तथा एसएमई शाखा के समीप जनक सुपर मार्केट कॉम्प्लेक्स में 19 और 20 मई को विशेष नोट एवं सिक्का विनिमय मेला लगाया गया. इस मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपने कटे-फटे, पुराने तथा गंदे नोटों का विनिमय कराया। लोगों ने सिक्कों का भी आदान-प्रदान किया. मेले में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों की समस्याओं को सुनते हुए उन्हें तुरंत सुविधा उपलब्ध कराई.
दलालों से बचें, बैंक में निःशुल्क बदलते हैं कटे-फटे नोट : अधिकारियों की अपील
विनिमय मेले में पहुंचे लोगों को यह जानकारी भी दी गई कि कटे-फटे नोट बदलवाने के लिए किसी विशेष बैंक खाते की आवश्यकता नहीं होती है। भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक शाखा में जाकर अपने खराब नोट और सिक्के बदलवा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि कई लोग जानकारी के अभाव में दलालों या अन्य लोगों के चक्कर में पड़ जाते हैं, जबकि यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। मेले के दौरान लोगों के बीच नोट एवं सिक्का विनिमय सुविधा से संबंधित नॉलेज कार्ड भी वितरित किए गए। इन कार्डों में नोट बदलने की प्रक्रिया, नकली नोटों की पहचान तथा बैंकिंग सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई थीं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध नोट को लेकर तुरंत बैंक या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। इस अवसर पर बैंक अधिकारियों ने कहा कि रिज़र्व बैंक का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों तक सरल और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण लोग कई बार छोटी-छोटी बैंकिंग सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे कार्यक्रम लोगों को जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण और विनिमय मेले के माध्यम से लोगों का बैंकिंग व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा तथा उन्हें बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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