Gopalganj News (सुरेश कुमार राय) : स्थानीय पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने बाल श्रम के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है. भोरे के थाना रोड स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर ‘धावा दल’ ने दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है. इस कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों और नियोजकों में हड़कंप मच गया है.
गुप्त सूचना पर धावा दल ने की छापेमारी
मिली जानकारी के अनुसार, श्रम विभाग को थाना रोड स्थित कुछ दुकानों में नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी के नेतृत्व में धावा दल की टीम का गठन किया गया, जिसमें भोरे थाना की पुलिस टीम भी शामिल हुई. टीम ने थाना रोड स्थित रवि जनरल स्टोर एंड बीके गारमेंट्स तथा कोलकाता स्वीट्स हाउस में अचानक छापेमारी की. इस दौरान दोनों प्रतिष्ठानों से एक-एक बाल श्रमिक को काम करते हुए पाया गया, जिन्हें टीम ने तुरंत अपने संरक्षण में ले लिया.
तत्काल आर्थिक सहायता और FIR का निर्देश
श्रम विभाग की टीम ने बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने के आरोप में दोनों नियोजकों (दुकान मालिकों) के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही, रेस्क्यू किए गए प्रत्येक बाल श्रमिक को तात्कालिक राहत के रूप में 3-3 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है.
अधिकारी का बयान
“बाल श्रम एक दंडनीय अपराध है. बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नियोजकों को बख्शा नहीं जाएगा. मुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर आगे की पुनर्वास प्रक्रिया पूरी की जा रही है. क्षेत्र में आगे भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा.” – नंदिनी कुमारी, श्रम पदाधिकारी, भोरे.
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