कुचायकोट विधायक पप्पू पांडेय की अग्रिम जमानत याचिका विशेष कोर्ट से वापस, सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

Gopalganj News : कुचायकोट से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय के अधिवक्ताओं ने एमपी-एमएलए कोर्ट से उनकी अग्रिम जमानत अर्जी वापस ले ली है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिकाकर्ताओं के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने और पटना हाईकोर्ट को मामले की प्राथमिकता से सुनवाई का निर्देश देने के बाद यह कदम उठाया गया है.

(गोपालगंज से सत्येंद्र पांडेय की रिपोर्ट)


Gopalganj News: कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की अग्रिम जमानत याचिका पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-III सह विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) राजेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट में सुनवाई की तिथि निर्धारित थी. बुधवार को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक, उदय कुमार, शेख असगर, रवि प्रकाश मणी त्रिपाठी व अन्य अधिवक्ताओं ने विधायक की जमानत अर्जी को वापस ले लिया. कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक आदेश जारी किया है. इसलिए अब इस कोर्ट से जमानत की अर्जी को वापस लिया जा रहा. अर्जी वापस लेने के साथ ही सिविल कोर्ट की सुनवाई पर भी अब रोक लग गयी.

पटना उच्च न्यायालय को प्रभावी आदेश देने का निर्देश


विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से यह राहत मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची, न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की बेंच से मिली है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्र, कुमारी अंजूल द्विवेदी, सौरभ तिवारी, राम शंकर के पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि सभी संबंधित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, और मामले की खूबियों पर कोई राय व्यक्त किए बिना, यह निर्देश दिया जाता है कि जब तक उच्च न्यायालय द्वारा मामले की प्रभावी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक एफआइआर संख्या 161/2026 के तहत याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

इस बीच, याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया जाता है कि वे अपनी लंबित याचिका के शीघ्र निपटारे के लिए उच्च न्यायालय में उचित आवेदन प्रस्तुत करें. साथ ही, उच्च न्यायालय से अनुरोध है कि मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दें और प्रभावी आदेश पारित करें.

एक अप्रैल से चार भू-माफिया जेल में बंद


पुलिस ने मौके से भू- माफिया भोला पांडेय उर्फ राकेश पांडेय, गुड्डू कुमार, दीपक कुमार व नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया. जबकि सीए राहुल तिवारी, सतीश पांडेय और उनके विधायक भाई अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय का नाम साजिशकर्ता में दिया है.

किरण सिन्हा के कारिंदे के बयान पर दर्ज हुआ था कांड


मीरगंज थाने के सेमराव गांव के जितेन्द्र कुमार राय ने बीते एक अप्रैल को कुचायकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कर बताया था कि मुजफ्फरपुर के विमल प्रसाद सिन्हा की पत्नी किरण सिन्हा के वह कारिंदा हैं. कुचायकोट थाने के बेलवा गांव में किरण सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन है. जिसमें गेहूं की फसल लगी है, जो पककर तैयार है. उसे देखने के लिए मैं गया तो पहले से वहां मौजूद लोगों ने कहा कि अपने मालिक से कहकर जमीन उनके नाम कर दें. उन लोगों ने वहां मौजूद पांच कमरों में लगे ताला को तोड़कर अपना ताला भी लगा दिया और जान मारने की नीयत से फायरिंग करने का आरोप है. अब इस मामले की जांच की जिम्मेदारी भी सरकार ने सीआइडी को सौंप दी है.

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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