Gopalganj News : आज महेंद्र दास इंटर कॉलेज पहुंचेगी शिक्षा विभाग की जांच टीम, प्राचार्य को नोटिस

गोपालगंज. कुचायकोट प्रखंड के नेचुआ जलालपुर स्थित महेंद्र दास इंटर कॉलेज में अप्रैल 2024 से नामांकन बंद है.

गोपालगंज. कुचायकोट प्रखंड के नेचुआ जलालपुर स्थित महेंद्र दास इंटर कॉलेज में अप्रैल 2024 से नामांकन बंद है. कॉलेज में वीरानगी छायी हुई है. कभी यहां इंटर में 12 सौ से अधिक छात्रों की भीड़ होती थी. अब डीएम के आदेश पर यहां हुए एक करोड़ के फ्रॉड की जांच शिक्षा विभाग कर रहा है.

अपने लिखित बचाव पक्ष एवं साक्ष्य के साथ उपस्थित होने का निर्देश

बुधवार को डीपीओ माध्यमिक शिक्षा प्रवीण कुमार प्रभात ने प्राचार्य निभा तिवारी को निर्देश दिया है कि 14 मई की सुबह 10:00 बजे आपके कॉलेज में जांच निर्धारित की गयी है. जांच टीम के अधिकारियों के समक्ष अपने लिखित बचाव पक्ष एवं साक्ष्य के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें. अन्यथा अग्रेत्तर कार्रवाई करने के लिए अनुशंसा करने की बाध्यता होगी. बता दें कि डीइओ योगेश कुमार ने 05 मई को एक पत्र द्वारा माध्यमिक शिक्षा डीपीओ से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए 09 मई तक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश प्राप्त था. आठ मई को सुनवाई की तिथि निर्धारित किया गया था, जिसमें प्राचार्य नहीं आयी. इस बीच डीइओ ने ज्ञापांक-24 दिनांक-11 मई के द्वारा त्रिसदस्यीय जांच समिति का गठन कर शिकायत पत्र में लगाये गये आरोप की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है. इस जांच में शिकायतकर्ताओं को भी मौके पर मौजूद रहने को कहा गया है. जिससे निष्पक्ष जांच संभव हो सके.

प्राचार्य ने अपने भाई के साथ डरा-धमका कर वापस ली राशि

अमितेश कुमार श्रीवास्तव, पांडेय चिंतामणि, अनिता कुमारी, रंजीता कुमारी, रामाशंकर की ओर से डीएम को दिये गये शिकायत में आरोप लगाया कि महेंद्र दास इंटर कॉलेज के प्राचार्य ने अपने कथित भाई राजीव मिश्रा से सभी शिक्षकों के साथ डरा-धमका कर अनुदान की राशि लौटवायी है. कॉलेज में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के मद में सत्र 2015-17 एवं 2016-18 के लिए बिहार सरकार एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा दिनांक 06 दिसंबर 2025 को महाविद्यालय के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से एक करोड़ रुपये भेजे गये थे. उसके बाद प्राचार्य ने अपने कथित भाई के साथ कर्मियों को डरा-धमकाकर, सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर, केस में फंसाने तथा कॉलेज से बर्खास्त करने की धमकी देकर चेक के माध्यम से भुगतान किया गया तथा दी गयी राशि का आधा हिस्सा किसी न किसी माध्यम से वापस वसूल लिया गया.

हाइलेवल जांच शुरू होने से मचा हड़कंप

अब मामले की हाइलेवल जांच शुरू हो गयी है. गड़बड़ियों का दायरा और बढ़ने की संभावना बढ़ गयी है. अब तो नियुक्ति में भी फ्रॉड सामने आ गया है. आरोप है कि प्राचार्य ने अपने भाई, दो बहनों व भौजाई तक का नियुक्ति कर ली है. डीइओ योगेश कुमार ने बताया कि कॉलेज में धांधली के कागजात साक्ष्य सामने आये हैं. उसकी गंभीरता से जांच की जा रही है. दोषी चाहे जो भी हो, उसे बख्शा नहीं जायेगा.

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Published by: Gurudutt nath

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