Gopalganj News : सर्वे के बाद सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों से जमीन वापस लेगी सरकार

Gopalganj News : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर जमीन सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है. कैंप लगाकर रैयतों से संबंधित कागजात लिये जा रहे हैं.

गोपालगंज/पंचदेवरी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर जमीन सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है. कैंप लगाकर रैयतों से संबंधित कागजात लिये जा रहे हैं. विभाग ने स्व घोषणा पत्र व वंशावली जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च ही निर्धारित की थी, लेकिन उसके बाद भी कार्यालयों में रैयतों से कागजात ऑफलाइन लिये जा रहे हैं. सर्वे के दौरान सरकारी जमीन को लेकर भी विभाग द्वारा गाइडलाइन जारी की गयी है. जो लोग सरकारी जमीन को अपनी निजी संपत्ति समझकर कब्जा किये हुए हैं, सर्वे के बाद उनकी परेशानी भी बढ़ सकती है.

सभी गांवों में सरकारी जमीन को चिह्नित कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

विभाग ने सभी गांवों में सरकारी जमीन को चिह्नित कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी देव त्रिपाठी ने बताया कि गैरमजरूआ आम जमीन की बंदोबस्ती तो हो ही नहीं सकती. इस जमीन का मालिकाना हक सरकार रखती है. इस जमीन पर यदि किसी ने कब्जा किया है, तो हर हाल में छोड़ना पड़ेगा. गैरमजरूआ खास जमीन पर यदि किसी का कब्जा है, तो उसे संबंधित वैध कागजात दिखाने पड़ेंगे. यदि कब्जा करने वाले व्यक्ति द्वारा वैध कागजात नहीं दिखाये जाते हैं, तो खाता-खेसरा नंबर के साथ उस सरकारी जमीन की रिपोर्ट विभाग को भेजी जायेगी.

फर्जी कागजात दिखाकर गुमराह करने वालों पर होगी कार्रवाई

यदि कोई फर्जी कागजात दिखाकर गुमराह करने की कोशिश करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी. सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक गांव की सरकारी जमीन की सूची अंचल कार्यालय से प्राप्त हो चुकी है. गैरमजरूआ खास जमीन पर जिसका कब्जा है और यदि उस जमीन पर जमाबंदी चल रही है, तो संज्ञान में आने पर इसकी सूचना सीओ को दी जायेगी. इसके बाद अंचल कार्यालय द्वारा जमाबंदी का सत्यापन किया जायेगा. कागजात में गड़बड़ी पाये जाने पर जमाबंदी रद्द करने की कार्रवाई की जायेगी. प्रत्येक गांव में कौन-कौन खाता-खेसरा नंबर सरकारी जमीन का है, इसकी सूची अंचल कार्यालय द्वारा सर्वे टीम के पदाधिकारियों को उपलब्ध करा दी गयी है. जांच कर ऐसी सभी जमीन की पूरी रिपोर्ट अंचल कार्यालय व विभाग के वरीय पदाधिकारियों को भेजने का निर्देश भी विभाग द्वारा दिया गया है.

सर्वे रिपोर्ट के बाद अधिकारी करेंगे जांच

सर्वे के बाद टीम द्वारा सरकारी जमीन से संबंधित रिपोर्ट अंचल कार्यालय को सौंपी जायेगी. रिपोर्ट के आधार पर सीओ व अन्य वरीय पदाधिकारी सभी सरकारी जमीनों की जांच करेंगे. सभी पंचायतों में सरकारी जमीन की पैमाइश करायी जायेगी. अभी तक अधिकतर ऐसा ही होता आया है कि विवाद या अतिक्रमण का मामला सामने आने पर ही संबंधित सरकारी जमीन को खाली कराया जाता था या अन्य विभागीय कार्रवाई की जाती थी. लेकिन, विभाग के निर्देशानुसार अब गांवों में सरकारी जमीन से संबंधित हर रिपोर्ट सर्वे टीम तैयार करेगी. कहां-कहां सरकारी जमीन है और किसके द्वारा अतिक्रमण किया गया है, इसका पूरा ब्यौरा अंचल कार्यालय में मौजूद रहेगा. आवश्यकता के अनुसार सरकार उस जमीन का उपयोग करेगी. जिस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होगा, उसे अतिक्रमणमुक्त कराया जायेगा.

वंशावली पर बनेगा खतियान

जमीन सर्वे के लिए रैयतों को संबंधित कागजात के साथ वंशावली देना अनिवार्य है. सर्वेक्षण टीम सरकारी जमीन के साथ-साथ रैयती जमीन की भी पूरी रिपोर्ट तैयार करने में जुट गयी है. रैयती जमीन में जो बंटवारा हुआ है या जो खरीद-बिक्री हुई है, उसके आधार पर रैयतों का खतियान तैयार किया जायेगा. इसके लिए वंशावली अति आवश्यक है. विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों द्वारा रैयतों से यह अपील की जा रही है कि वे वंशावली के साथ ही कागजात जमा करें.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जमीन सर्वे के दौरान सरकारी जमीन की भी पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है. अतिक्रमणकारियों की सूची भी तैयार हो रही है. रिपोर्ट मिलने के बाद इसकी जांच करायी जायेगी. फिर सरकार के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई होगी.

तरुण कुमार रंजन, सीओ, पंचदेवरी

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Author: GURUDUTT NATH

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