Gopalganj News : (सुरेश कुमार राय) जगतौली ओपी क्षेत्र के लकठहां गांव में शनिवार की अहले सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब दुबई से कमाने गए युवक विजय कुमार गिरी का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा. शव के गांव में आते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया.
14 मई को काम से लौटने के वक्त हुआ था हादसा
मृतक विजय गिरी के अंतिम दर्शन के लिए स्थानीय ग्रामीणों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
मिली जानकारी के अनुसार, विजय गिरी दुबई में रहकर काम करते थे. बीते 14 मई को काम खत्म कर वापस लौटने के क्रम में ऊंचाई से ताबूक उनके शरीर पर गिर गए. इस हादसे में घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी. कानूनी प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शनिवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव लाया जा सका.
तीन मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
विजय गिरी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. उनकी असमय मौत से पत्नी सपना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें सांत्वना देने में गांव की महिलाएं जुटी हुई थीं. विजय गिरी के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिन्हें अब तक यह भी नहीं मालूम कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे. मृतक का पुत्र अनुज गिरी महज 3 वर्ष का है, जबकि बड़ी पुत्री अंकिता 10 वर्ष और छोटी पुत्री अनुष्का 8 वर्ष की है. इन मासूमों के सिर से पिता का साया उठने से पूरे गांव की आंखें नम थीं.
शोक व्यक्त करने पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधि
ग्रामीणों ने बताया कि विजय गिरी बेहद हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के युवक थे, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे. उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर है. विजय गिरी के अंतिम दर्शन करने और पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाने के लिए लामीचौर के मुखिया मोहन कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष अवध बिहारी सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि उनके आवास पर पहुंचे. सभी ने इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है.
