Gopalganj News : जमीन सर्वे के लिए जिले में साढ़े तीन लाख रैयतों ने किया आवेदन, जमाबंदी 9.5 लाख

Gopalganj News : जमीन सर्वे का कार्य शुरू है. विभिन्न पंचायतों में कैंप लगाकर रैयतों से संबंधित कागजात लिये जा रहे हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्व घोषणा व वंशावली जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की है.

गोपालगंज/ पंचदेवरी. जमीन सर्वे का कार्य शुरू है. विभिन्न पंचायतों में कैंप लगाकर रैयतों से संबंधित कागजात लिये जा रहे हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्व घोषणा व वंशावली जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की है. लेकिन, अभी तक जिले के कई प्रखंडों में काफी संख्या में रैयत इसको लेकर सक्रिय नहीं हैं. विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल जमाबंदी 9.5 लाख है. अभी तक ऑनलाइन व ऑफलाइन मिलाकर कुल 3.5 लाख रैयतों के आवेदन प्राप्त हुए हैं.

शिविर में ऑफलाइन भी कागजात लिये जा रहे

स्व घोषणा ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से की जा सकती है. सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी देव त्रिपाठी ने बताया कि रैयतों की सुविधा के लिए शिविर में ऑफलाइन भी कागजात लिये जा रहे हैं. यदि कोई रैयत ऑनलाइन आवेदन करता है, तो और समस्या कम हो जायेगी. लेकिन, यदि किसी रैयत को ऑनलाइन करने में परेशानी है, तो वह स्व घोषणा, वंशावली व अन्य कागजात ऑफलाइन भी जमा कर सकता है. पंचदेवरी के कानूनगो आशीष रंजन व अमीन प्रदीप कुमार व पंकज कुमार ने बताया कि अधिकतर रैयत ऑफलाइन ही कागजात जमा कर रहे हैं. पंचदेवरी में 11305 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं, जबकि 15844 आवेदन ऑफलाइन प्राप्त हुए हैं. रैयत्रों से ऑफलाइन आवेदन लेने के बाद शिविर में कर्मियों द्वारा ऑनलाइन किया जा रहा है. 31 मार्च के कुछ दिनों बाद तक भी पोर्टल खुले रहने की चर्चा है, लेकिन विभागीय निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही किये जाने की बात विभाग के पदाधिकारी कह रहे हैं. फिलहाल की गाइडलाइन के अनुसार जो रैयत 31 मार्च तक अपने कागजात जमा नहीं करेंगे, उसके बाद ऑनरिकॉर्ड उनके कागजात जमा करने में परेशानी हो सकती है.

31 मार्च के बाद शुरू होंगी ये सभी प्रक्रियाएं

सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी देव त्रिपाठी ने बताया कि 31 मार्च के बाद ग्राम सीमा के सत्यापन का कार्य शुरू होगा. सेटेलाइट से जो नक्शा प्राप्त हुआ है, उसके आधार पर बाउंड्री की जायेगी. फिर किस्तवार प्लॉट कटिंग का कार्य होगा. प्लॉट कटिंग के बाद संबंधित नक्शे को सुधार के लिए भेजा जायेगा. इसके बाद खानापूरी की प्रक्रिया व कागजात की विधिवत जांच की जायेगी. फिर रैयतों के बीच खानापुरी पर्ची व एलपीएम(लैंड पार्सल मैप) का वितरण किया जायेगा. सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी ने बताया कि खानापूरी पर्ची मिलने के बाद यदि किसी रैयत को कोई समस्या आती है, तो वह 30 दिनों के अंदर प्रपत्र आठ के माध्यम से आपत्ति दे सकता है.

बोले एसडीएम

विभागीय निर्देशानुसार रैयतों से जमीन सर्वे से संबंधित कागजात लिये जा रहे हैं. 31 मार्च के बाद विभाग की गाइडलाइन के अनुसार आगे की कार्यवाही होगी.

अभिषेक कुमार चंदन, एसडीएम, हथुआ

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By GURUDUTT NATH

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