गोपालगंज में लाल ईंट उद्योग संघ की बैठक, भट्ठा संचालकों ने रखीं ये मांगें...

सरकारी निर्माण कार्यों में लाल ईंट के उपयोग पर लगी रोक और टैक्स में दोगुनी वृद्धि से ईंट उद्योग भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है. ईंट-भट्ठा संचालकों ने खनन मंत्री के समक्ष अपनी प्रमुख समस्याएं रखीं और जल्द समाधान की मांग की.

Lal Brick Industry: सरकारी विभागों के निर्माण कार्यों में लाल ईंट का उपयोग नहीं किए जाने से ईंट उद्योग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसे में लाल ईंट उद्योग संघ की ओर से सरकारी निर्माण कार्यों में लाल ईंट के उपयोग की अनुमति देने की मांग उठायी गयी. शनिवार को शहर के थावे रोड स्थित एक मैरेज हॉल में आयोजित लाल ईंट उद्योग संघ की बैठक में ईंट-भट्ठा संचालकों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. इस दौरान बिहार सरकार के खनन मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी का संघ की ओर से स्वागत किया गया.

संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने मंत्री के समक्ष रखीं मांगें

बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुरारी कुमार ने ईंट उद्योग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को खनन मंत्री के समक्ष रखा. उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ईंट उद्योग को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सरकारी निर्माण कार्यों में लाल ईंट के इस्तेमाल पर रोक से कारोबार प्रभावित हो रहा है. संघ ने सरकार से इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की.

बालू-मिट्टी ढोने वाले वाहनों को रोके जाने का मुद्दा उठा

ईंट-भट्ठा संचालकों ने बालू और मिट्टी ढोने वाले वाहनों को खनन विभाग द्वारा रोके जाने का मुद्दा भी उठाया. संचालकों का कहना था कि वाहनों के रोके जाने से ईंट निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होती है. इससे भट्ठों के संचालन और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. उन्होंने इस समस्या के समाधान की मांग की.

टैक्स में बढ़ोतरी से बढ़ा आर्थिक बोझ

बैठक में टैक्स में दो गुना वृद्धि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. संचालकों ने कहा कि टैक्स की दर बढ़ने से पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहे ईंट उद्योग पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है. संघ ने सरकार से टैक्स दरों में राहत देने की मांग की, ताकि ईंट उद्योग को राहत मिल सके.

पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया में राहत की मांग

ईंट-भट्ठा संचालकों ने पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया को भी सरल करने की मांग की. संघ की ओर से कहा गया कि जटिल नियमों और प्रक्रियाओं के कारण ईंट उद्योग से जुड़े लोगों को लगातार परेशानी हो रही है. साथ ही, माइनिंग से संबंधित प्रतिबंधों में भी राहत देने की मांग की गयी. संचालकों ने सरकार से उद्योग से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की अपील की.

बड़ी संख्या में भट्ठा संचालक रहे मौजूद

बैठक में जिलाध्यक्ष उमेश प्रधान, ध्रुव प्रसाद, इमरान उर्फ मुन्ना, रंजीत शाही, आनंद सिंह सहित बड़ी संख्या में ईंट उद्योग से जुड़े संचालक और संघ के सदस्य उपस्थित रहे.

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By संजय कुमार अभय

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