गोपालगंज में 'फ्लैश फ्लड' का खतरा, अगले 48 घंटे बेहद अहम, इन 16 गांवों में बाढ़ का हाई अलर्ट

Gopalganj Gandak River Flood Alert : तिब्बत में ग्लेशियल लेक फटने की सूचना के बाद गोपालगंज में गंडक नदी पर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है. अगले 48 घंटे संवेदनशील माने जा रहे हैं, क्योंकि नेपाल के रास्ते नदी बेसिन में पानी बढ़ने की आशंका है. दियारा क्षेत्र के 16 से अधिक गांवों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

Gopalganj Gandak River Flood Alert : गोपालगंज में गंडक नदी को लेकर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है. तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट की सूचना के बाद नेपाल के रास्ते गंडक नदी बेसिन में अचानक पानी बढ़ने की आशंका जताई गई है. फिलहाल नदी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन अगले 48 घंटे संवेदनशील माने जा रहे हैं. दियारा क्षेत्र के 16 से अधिक गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है.

तिब्बत की घटना के बाद गंडक पर बढ़ी चिंता

तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट की सूचना के बाद गोपालगंज में गंडक नदी के तटीय इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी किया है. नेपाल के रास्ते गंडक नदी बेसिन में बड़ी मात्रा में पानी आने की आशंका के कारण नदी के अपस्ट्रीम हिस्सों पर लगातार नजर रखी जा रही है.

खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे बह रही गंडक

गोपालगंज में फिलहाल गंडक नदी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. इसके बावजूद संभावित जल वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने अगले 48 घंटे को बेहद अहम माना है. नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर तटीय और दियारा इलाकों में स्थिति तेजी से बदल सकती है.

वाल्मीकिनगर बराज के सभी 36 गेट खुले

वाल्मीकिनगर गंडक बराज से शुक्रवार शाम आठ बजे 97,500 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया. इससे पहले दोपहर बाद तक बराज से करीब 1.02 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना थी. विभाग के अनुसार बराज के सभी 36 गेट खोल रखे गए हैं.

अभियंता और बचाव टीमें अलर्ट मोड पर

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. गंडक के अपस्ट्रीम हिस्सों में जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.

डीएम समेत अधिकारी कर रहे लगातार मॉनीटरिंग

गोपालगंज के डीएम समीर सौरभ, एडीएम राजेश्वरी पांडेय और एसडीओ डॉ. प्रेरणा कुमारी स्थिति की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं. प्रशासन का फोकस नदी के जलस्तर, तटबंधों और संवेदनशील इलाकों में संभावित जल दबाव पर है.

16 से अधिक दियारा गांवों पर सीधा खतरा

गंडक नदी में सैलाब का दबाव बढ़ने पर दियारा इलाके के 16 से अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं. इसी वजह से इन इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. प्रशासन की नजर तटबंधों के साथ-साथ नदी किनारे बसे गांवों की स्थिति पर भी बनी हुई है.

बाढ़ के पानी के साथ पहुंचीं विशाल बगार मछलियां

गंडक में संभावित तेज बहाव के बीच नेपाल की ओर से दुर्लभ 'बगार' मछलियां भी बहकर गोपालगंज पहुंचने की बात सामने आई है. मंगलपुर के पास स्थानीय लोगों ने गंडक नदी में विशालकाय मछलियां पकड़ीं. इन्हें देखने के लिए आसपास के बाजारों में लोगों की भीड़ जुट गई.

गंडक में दिखा अज्ञात महिला का शव

शुक्रवार शाम गंडक नदी में एक अज्ञात महिला का शव तैरता हुआ दिखाई दिया. शव जादोपुर थाना क्षेत्र में जादोपुर-मंगलपुर महासेतु के पास नदी में नजर आया. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी. शव की पहचान और घटना के कारणों को लेकर संबंधित स्तर पर जांच की जा रही है.

बिहार की दूसरी नदियां भी उफान पर

संभावित बाढ़ को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने राज्य के महत्वपूर्ण तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है. शुक्रवार के आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर गांधीघाट, हथिदह और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया. वहीं कोसी नदी बलतारा, कुरसेला और वीरपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

तटबंधों की निगरानी और बढ़ाई गई

राज्य में कई नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महत्वपूर्ण तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. जल संसाधन विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए हुए हैं. गंडक क्षेत्र में भी संभावित जल दबाव को देखते हुए अभियंताओं और निगरानी दलों को सक्रिय रखा गया है.

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By साक्षी कुमारी

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