Shiksha Sevak WhatsApp Comment: शिक्षा विभाग के व्हाट्सएप ग्रुप में विभागीय आदेश को लेकर टिप्पणी करना एक शिक्षा सेवक को भारी पड़ गया. मामले में साक्षरता के डीपीओ ने कटेया के प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में तैनात शिक्षा सेवक (ता.म.) मो. आरिफ राजा से स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग ने उन्हें 24 घंटे के अंदर बिंदुवार जवाब देने का निर्देश दिया है. साथ ही कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर जवाब जमा करने को कहा गया है. जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है.
आदेश और जरूरी सूचनाओं के लिए बनाया गया है व्हाट्सएप ग्रुप
विभाग की ओर से जिले के सभी शिक्षा सेवकों को जरूरी सूचनाएं और विभागीय आदेश उपलब्ध कराने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है. 13 अगस्त को इसी ग्रुप में शिक्षा सेवकों को विभाग से मिली राशि से खरीदी गयी शिक्षण सामग्री का हिसाब जमा करने का निर्देश दिया गया था.
इसके लिए खरीदारी की रसीद, सामान का ब्योरा, भंडार पंजी, महिला सूची और अब तक हुए नामांकन की सूची निर्धारित फॉर्मेट में कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया था.
विभागीय आदेश पर की गयी टिप्पणी से जतायी नाराजगी
विभाग के अनुसार, आदेश का पालन करने के बजाय शिक्षा सेवक की ओर से ग्रुप में टिप्पणी की गयी. इसमें लिखा गया, “महोदय जी और भी कोई लेटर बाकी हो तो वह भी जारी कर दिया जाय, ताकि एक ही बार सब कुछ जमा हो जाय.”
विभाग ने इस टिप्पणी को गंभीरता से लिया है. अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की टिप्पणी से सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही और मनमाने रवैये का संकेत मिलता है. इसी को लेकर शिक्षा सेवक से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
24 घंटे में जवाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई
शिक्षा सेवक को 24 घंटे के अंदर बिंदुवार जवाब और उससे संबंधित साक्ष्य के साथ कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाये जाने की स्थिति में आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू की जायेगी.
मामले की जानकारी कटेया के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को भी दी गयी है.
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