पीबीएल कार्यक्रम में लापरवाही पर गोपालगंज शिक्षा विभाग सख्त, 37 विद्यालयों के एचएम और शिक्षकों से 24 घंटे में मांगा जवाब

Gopalganj News : गोपालगंज शिक्षा विभाग ने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) कार्यक्रम के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले 37 विद्यालयों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है. कार्यशाला से अनुपस्थित रहने और MIP-4.2 का कार्य समय पर पूरा नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.

Gopalganj News : प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) कार्यक्रम के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों के खिलाफ गोपालगंज शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. कार्यशाला से अनुपस्थित रहने और MIP-4.2 का कार्य समय पर पूरा नहीं करने वाले जिले के 37 मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों तथा विज्ञान एवं गणित शिक्षकों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.

डीपीओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शिवम ने प्रभार संभालते ही संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

8 जुलाई को आयोजित हुई थी उन्मुखीकरण कार्यशाला

शिक्षा विभाग की ओर से 8 जुलाई को शहर स्थित एसएस बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक विज्ञान एवं गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए एक दिवसीय गैर-आवासीय उन्मुखीकरण सह कार्यशाला आयोजित की गई थी. इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना था.

समीक्षा में सामने आई 37 विद्यालयों की लापरवाही

विभागीय समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले के 37 मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संबंधित शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक कार्यशाला में शामिल नहीं हुए. इसके अलावा कई विद्यालयों ने MIP-4.2 का निर्धारित कार्य भी समय पर पूरा नहीं किया.

राज्य स्तरीय रैंकिंग पर पड़ा असर

डीपीओ शिवम ने कहा कि MIP-4.2 का कार्य समय पर पूरा नहीं होने के कारण गोपालगंज राज्य स्तरीय रैंकिंग में शीर्ष श्रेणी में स्थान नहीं बना सका. उन्होंने इसे विभागीय कार्यों के प्रति उदासीनता, कर्तव्यहीनता और हठधर्मिता का परिचायक बताया.

आरटीई और नई शिक्षा नीति की भावना के विपरीत बताया

डीपीओ ने अपने पत्र में कहा कि संबंधित शिक्षकों का रवैया शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 की भावना के अनुरूप नहीं है. इसलिए सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों और विज्ञान-गणित शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर स्पष्ट मंतव्य के साथ अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं.

संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब प्राप्त नहीं होता है अथवा स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

सभी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रति

डीपीओ ने इस आदेश की प्रतिलिपि जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारी, एससीईआरटी बिहार तथा बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक को भी भेजी है.

पीबीएल कार्यक्रम के प्रभावी संचालन पर विभाग का जोर

शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम का प्रभावी संचालन और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी विभाग की प्राथमिकता है. ऐसे में प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अनुपस्थिति और शैक्षणिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी.

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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Yuvraj Ratan

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