Gopalganj Development Schemes: जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने शनिवार को एनआईसी कक्ष में योजना एवं विकास विभाग से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की. बैठक में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, पंचायत सरकार भवन, महादलित सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन और कब्रिस्तान घेराबंदी सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार जानकारी ली गयी. समीक्षा के दौरान डीएम ने योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, निर्माण कार्यों की स्थिति और कार्यों में आ रही बाधाओं की जानकारी ली.
कई योजनाओं में भूमि विवाद, अतिक्रमण, सीमांकन, आवंटन की कमी, ग्रामीणों के विरोध और न्यायालय में मामले लंबित रहने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित पाया गया. डीएम ने ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा लंबित योजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया.
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की 261 योजनाओं की समीक्षा
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत जिले में कुल 261 योजनाओं की अनुशंसा की गयी है. इनमें 145 योजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जबकि 94 योजनाओं का काम पूरा हो गया है और 51 योजनाएं निर्माणाधीन हैं. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्माणाधीन योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना में 1443 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति
मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2026-27 तक कुल 1672 योजनाओं की अनुशंसा की गयी है. इनमें 1443 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. डीएम ने अधिकारियों से स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जहां किसी प्रकार की बाधा है, उसका तत्काल समाधान कराने को कहा.
पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की भी हुई समीक्षा
पंचायत सरकार भवनों की पंचायतवार समीक्षा के दौरान बैकुंठपुर प्रखंड के कटालपुर और सिरसामनपुर, हथुआ के छाप और बरईसर तथा भोरे के बनकटा जागीरदारी में निर्माण कार्य पूर्ण पाया गया. वहीं सिधवलिया, मांझा और कुचायकोट सहित अन्य प्रखंडों में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों की प्रगति की जानकारी ली गयी.
भूमि विवाद और न्यायालयीन मामलों के कारण प्रभावित निर्माण कार्यों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान कराने को कहा गया.
महादलित भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों की भी समीक्षा
बैठक में महादलित सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन और कब्रिस्तान घेराबंदी की योजनाओं की भी समीक्षा की गयी. डीएम ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए. निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा.
उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और भूमि विवाद, अतिक्रमण, सीमांकन या अन्य प्रशासनिक अड़चनों का शीघ्र समाधान कराने का निर्देश दिया.
बैठक में डीडीसी गौरव कुमार, पंचायती राज पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार सहित योजना एवं विकास से जुड़े अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
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