गोपालगंज: प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बेघर हुए दो परिवार, खुले आसमान के नीचे गुजर रही जिंदगी; राहत की आस में पीड़ित

गोपालगंज के बरौली प्रखंड में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद दो परिवार बेघर हो गए हैं. मलबे के पास खुले आसमान के नीचे बारिश में रहने को मजबूर ये परिवार भोजन और सुरक्षित आश्रय की गुहार लगा रहे हैं. छोटे बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है.

Gopalganj News: बरौली प्रखंड के प्रेमनगर आश्रम के समीप स्थित टोला कलकलहां में पिछले महीने प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद दो परिवार बेघर हो गए हैं. प्रभावित परिवारों का कहना है कि मकान टूटने के बाद उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है. बारिश के मौसम में वे खुले आसमान के नीचे या प्लास्टिक की अस्थायी छत बनाकर रहने को मजबूर हैं.

बारिश के बीच मलबे के पास रहने को मजबूर परिवार

पीड़ित समीता बैठा और सुनील बैठा के अनुसार, उनका मकान जिला परिषद की जमीन पर बना था, जिसे प्रशासन ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया. इसके बाद परिवारों के सामने रहने और दैनिक जीवन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है.

परिवारों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति और भी कठिन हो गई है. वे अपने बचे हुए सामान को मलबे के पास रखकर किसी तरह दिन-रात गुजार रहे हैं.

बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी

प्रभावित परिवारों के अनुसार, घर टूटने के साथ ही उनका राशन, रसोई और घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया. इससे छोटे बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

परिजनों का कहना है कि बच्चों के भोजन, कपड़ों और सुरक्षित आश्रय की समस्या बनी हुई है. वहीं बारिश के मौसम में खुले स्थान पर रहने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी खतरा बढ़ गया है.

राहत और पुनर्वास की मांग

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उन्हें संभलने या वैकल्पिक व्यवस्था करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला. उनका कहना है कि अब तक किसी सरकारी अधिकारी या सामाजिक संस्था की ओर से भोजन, तिरपाल या अन्य राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है.

उन्होंने प्रशासन से शीघ्र राहत उपलब्ध कराने और पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है.

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By संजय तिवारी शांडिल्य

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