गोपालगंज: जिले में हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जल-नल योजनाओं की समीक्षा के दौरान 33 योजनाएं बंद मिलने पर जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों को सभी बंद योजनाओं को 24 घंटे के भीतर चालू कराने का निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक
बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में डीएम समीर सौरभ की अध्यक्षता में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की जल-नल योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार, कार्यपालक अभियंता प्रभात कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में जिले में संचालित जल-नल योजनाओं की वर्तमान स्थिति, पेयजल आपूर्ति, रखरखाव और मरम्मत कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई.
नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत के दिए निर्देश
समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी अभियंताओं और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक जल-नल योजना का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा जहां भी तकनीकी खराबी हो, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए. उन्होंने कहा कि सभी योजनाएं सुचारु रूप से संचालित रहें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति मिलती रहे.
33 योजनाएं बंद मिलने पर 24 घंटे का अल्टीमेटम
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले की 33 जल-नल योजनाएं वर्तमान में बंद हैं. इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर इन योजनाओं को चालू कराने का निर्देश दिया.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी जल-नल योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि पेयजल आपूर्ति बाधित होती है तो इसकी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की होगी.
पंप चालकों के मानदेय की समीक्षा के निर्देश
डीएम समीर सौरभ ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार को पंप चालकों के मानदेय की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मानदेय से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए, ताकि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो.
नियमित मॉनिटरिंग कर समस्याओं का करें त्वरित समाधान
बैठक के अंत में डीएम ने सभी अधिकारियों को जल-नल योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी संबंधित अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें.
