गोपालगंज के 18 मॉडल विद्यालय जुड़े बिहार विद्या साथी से, 24×7 मिलेगी लाइव शिक्षकों से पढ़ाई की सुविधा

बिहार सरकार ने 'बिहार विद्या साथी' कार्यक्रम लॉन्च किया है, जो कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए 24×7 शैक्षणिक सहायता प्रदान करेगा. यह पहल आधुनिक तकनीक और एआई का उपयोग करके छात्रों को कॉन्सेप्ट-आधारित शिक्षा और शंका समाधान में मदद करेगी.

Bihar Vidya Saathi: बिहार सरकार द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों में ‘बिहार विद्या साथी’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम से गोपालगंज जिले के कुल 18 मॉडल विद्यालय भी जुड़े रहे.

इस अवसर पर डीएम समीर सौरभ, डीइओ अमरेन्द्र कुमार पांडेय सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में लाइव जुड़े. जिले के संबंधित मॉडल विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की.

24×7 उपलब्ध होगी शैक्षणिक सहायता

‘बिहार विद्या साथी’ को विद्यार्थियों के लिए 24×7 इंटरैक्टिव शैक्षणिक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है. इसके माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई से संबंधित कठिनाइयों के समाधान के लिए शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध होगा.

विद्यार्थी अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुरूप शिक्षक से जुड़कर विषयों को समझ सकेंगे. पढ़ाई के दौरान उत्पन्न होने वाले प्रश्नों और शंकाओं का समाधान भी उन्हें लाइव शिक्षकों के माध्यम से मिल सकेगा.

कॉन्सेप्ट आधारित शिक्षा पर जोर

बिहार सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें कॉन्सेप्ट आधारित और समझपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है. आधुनिक तकनीक और एआई आधारित टूल्स के उपयोग से विद्यार्थियों को विषयों की बेहतर समझ विकसित करने तथा कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से सीखने में मदद मिलेगी.

इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे.

शिक्षा में तकनीक और नवाचार का समावेश

बिहार सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. ‘बिहार विद्या साथी’ इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से डिजिटल तकनीक को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया से जोड़ा गया है.

इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी गति और आवश्यकता के अनुसार सीखने का अवसर मिलेगा. इससे विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता प्राप्त होगी और विषयों को लेकर उनकी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान भी संभव हो सकेगा.

गोपालगंज के विद्यार्थियों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के दौरान संबंधित विद्यालयों में विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा गया. विद्यार्थियों ने ‘बिहार विद्या साथी’ को आधुनिक और उपयोगी शैक्षणिक पहल बताया. उनका कहना था कि इससे पढ़ाई के दौरान आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में सहायता मिलेगी.

विशेष रूप से ऐसे विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी, जिन्हें किसी विषय या अध्याय को समझने में अतिरिक्त मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है.

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को मिलेगा बल

डीएम समीर सौरभ ने ‘बिहार विद्या साथी’ कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा में समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक मार्गदर्शन और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी.

उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण संसाधनों तक पहुंच मिलेगी और उनकी सीखने की क्षमता को और मजबूत किया जा सकेगा. विद्यार्थियों के लिए ‘जब चाहें, जहां चाहें और जिस विषय में चाहें, सीखने’ की दिशा में नई संभावनाएं विकसित होंगी.

उन्होंने कहा कि ‘बिहार विद्या साथी’ राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगा.

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By संजय कुमार अभय

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